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Jaunpur: किसी को बुखार तो किसी को खांसी...तीन दिन में चार बच्चों की मौत से हड़कंप, 18 बीमार

Sun, 20 Aug 2023 09:09 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर

सार

जौनपुर के ग्राम पंचायत भटहर दीनापुर वनवासी बस्ती में तीन दिन के भीतर चार बच्चों की मौत हो चुकी है। 18 बच्चे बीमार हैं। रविवार को पहुंची स्वास्थ्य टीम ने बच्चों का इलाज किया। 
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बस्ती पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर के ग्राम पंचायत भटहर दीनापुर वनवासी बस्ती में तीन दिन के भीतर चार बच्चों की मौत हो चुकी है। 18 बच्चे बीमार हैं। दो की हालत गंभीर होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया है। रविवार को पहुंची स्वास्थ्य टीम ने बच्चों का इलाज किया। स्वास्थ्य टीम के मुताबिक, बच्चों में निमोनिया के लक्षण हैं।

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मछलीशहर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत भटहर दीनापुर वनवासी बस्ती में करीब एक सप्ताह पहले कुछ बच्चे बीमार हुए। किसी को बुखार तो किसी को खांसी आने लगी। धीरे-धीरे बीमार बच्चों की संख्या बढ़ती गई। पहले से बीमार विशाल के छह माह के पुत्र रोहन ने 18 अगस्त की सुबह दम तोड़ दिया। इसी दिन शाम को छह बजे अर्जुन वनवासी की बेटी परी (4) की भी मौत हो गई।

अगले दिन 19 अगस्त की रात अर्जुन की ही बेटी सोहानी (6) की भी मौत हो गई। 20 अगस्त को इलाज के लिए सीएचसी ले जाते समय महेश की बेटी शालू (4) ने भी दम तोड़ दिया। चिकित्सक डॉ. बीएल यादव ने रविवार को मौके पर पहुंच कर इलाज शुरू किया। दो बच्चों पप्पी (1) पुत्री महेश व महक (9 माह) पुत्री विनोद को एंबुलेंस से मछलीशहर भेजा गया।

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अंधविश्वास के चक्कर में बिगड़ी हालत

स्वास्थ्य विभाग की टीम जब रविवार को बस्ती पहुंची तो पता चला कि बच्चे कई दिन से बीमार हैं। बच्चों के बीमार होने पर बस्ती के लोग चेचक मानकर झाड़फूंक कराने लगे। उसके चक्कर में बच्चों की हालत बिगड़ती चली गई। जबकि मौसमी बीमारियों की वजह से बच्चे बीमार हुए हैं।

बीमार बच्चों में निमोनिया के लक्षण

स्वास्थ्य टीम के साथ गांव में इलाज के लिए पहुंचे डॉ. बीएल यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया बच्चों की मौत निमोनिया से होना प्रतीत हो रहा है। बच्चों में खांसी, उल्टी के लक्षण मिल रहे हैं। बीमार बच्चों को दवा व विटामिन की गोलियांदी गई हैं। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. तपिस कुमार का कहना है चिकित्सकों की टीम भेजकर बच्चों का इलाज शुरू करा दिया गया है। चार बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य टीम में एएनएम आशा पांडेय, आशा सुनीता सिंह व संगीता शामिल हैं।
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एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार यादव ने कहा कि बच्चों के बीमार होने पर बस्ती के लोगों ने पहले झाड़फूंक कराना शुरू कर दिया। जब बच्चों की हालत बिगड़ी और एक की मौत हो गई, तब सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। रविवार को 12 बजे तक डा. बीएल यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर बच्चों का इलाज शुरू कर दिया। बस्ती में सफाई कराने के साथ ही दवा का छिड़काव भी करा दिया गया। 
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