स्वास्थ्य विभाग की टीम जब रविवार को बस्ती पहुंची तो पता चला कि बच्चे कई दिन से बीमार हैं। बच्चों के बीमार होने पर बस्ती के लोग चेचक मानकर झाड़फूंक कराने लगे। उसके चक्कर में बच्चों की हालत बिगड़ती चली गई। जबकि मौसमी बीमारियों की वजह से बच्चे बीमार हुए हैं।
स्वास्थ्य टीम के साथ गांव में इलाज के लिए पहुंचे डॉ. बीएल यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया बच्चों की मौत निमोनिया से होना प्रतीत हो रहा है। बच्चों में खांसी, उल्टी के लक्षण मिल रहे हैं। बीमार बच्चों को दवा व विटामिन की गोलियांदी गई हैं। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. तपिस कुमार का कहना है चिकित्सकों की टीम भेजकर बच्चों का इलाज शुरू करा दिया गया है। चार बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य टीम में एएनएम आशा पांडेय, आशा सुनीता सिंह व संगीता शामिल हैं।
एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार यादव ने कहा कि बच्चों के बीमार होने पर बस्ती के लोगों ने पहले झाड़फूंक कराना शुरू कर दिया। जब बच्चों की हालत बिगड़ी और एक की मौत हो गई, तब सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। रविवार को 12 बजे तक डा. बीएल यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर बच्चों का इलाज शुरू कर दिया। बस्ती में सफाई कराने के साथ ही दवा का छिड़काव भी करा दिया गया।