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आतंकवाद के खात्मे के लिए एकजुटता जरूरी

Mon, 16 Nov 2015 12:27 AM IST
जौनपुर ब्यूराे
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शामे गरीबां की याद में तंजीमे अजाये हुसैन की आल इंडिया कदीम तरही शब्बेदारी का आयोजन रविवार को कल्लू मरहूम के इमामबाड़ा में हुआ। शब्बेदारी में 10 मातमी अंजुमनों ने  कलाम पेश कर नौहा व मातम के साथ कर्बला के शहीदों को
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नजराने अकीदत पेश की। आखिरी मजलिस के बाद शबीहे ताबूत अलम व जुलजनाह बरामद हुआ। इसके पहले शब्बेदारी की शुरूआत तिलावते कलाम पाक से हुआ। सोजखानी मो. मुस्लिम मरहूम के हमनवां ने पढ़ा।

पेशखानी सबा बनारसी अब्बास व इरफान जौनपुरी ने किया। मजलिस को खेताब करते हुए गाजीपुर के मौलाना सैयद अली ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों की शहादत को लंबा समय बीत गया है।
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आज भी उनका गम सिर्फ  इसलिए मनाया जाता है ताकि दुनिया को यह पैगाम दिया जा सके कि जुल्म के आगे सर झुकाना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि आज आतंकवाद से निबटने के लिए सभी को एकजुट होने की आवश्यकता है।

मजलिस के बाद मशहूर अंजुमन हुसैनिया चौधराना उन्नाव, मोहम्मदी मोईनुल अजा कानपुर, हैदरी बनारस, नासीरूल अजा कोराली इलाहाबाद, कारवाने कर्बला बनारस, जब्बादिया बनारस, काजिमिया जफराबाद-जलालपुर अम्बेडकरनगर, आबिदिया

फैजाबाद, हैदरिया अब्दुल्लापुर अकबरपुर, नौहा खां आफिर सुल्तानपुरी, खुर्शीद असरी बिजनौर, फरमान जंगीपुरी ने अपने दर्द भरे नौहे पढ़कर पूरा माहौल गमगीन कर दिया।

 अलविदाई मजलिस डा. कमर अब्बास ने पढ़ा। जिसके बाद शबीहे बरामद हुई। इस अवसर पर सै. अहसन अब्बास नकवी, शबीहुल हसन एडवोकेट, हसीन अहमद खां, सकलैन अहमद खां, वजीरूल हसन खां, हसीन मेंहदी, अहमद मेंहदी, अली

इमाम, मेंहदी हुसैन सामिन, सै. अजादार हुसैन, इफ्तेखार हुसैन शब्दे, सदफ, शहजादे, अंजुम सईद जामिन, शाहिद मेंहदी, नेहाल हैदर, फैसल हसन तबरेज, आजम जैदी, सै. जुल्फकार हैदर, हसनैन कमर दीपू आदि उपस्थित रहे।
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शौकत अली व तहसीन शाहिद ने संयुक्त रूप से प्रति आभार जताया। संचालन अर्शी वास्ती व शोएब जैदी ने किया।
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