विधानसभा चुनाव में कहीं बड़े दलों का खेल रालोद सहित छोटे-छोटे दल एक होकर बिगाड़ न दें। इसकी आशंका से भाजपा, सपा प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। टिकट नहीं मिलने के बाद बागियों की नजर इन छोटे दलों पर है।
सूत्रों की मानें तो अभी तक जो प्रत्याशियों के नाम सामने आ रहे हैं वह राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों की तुलना में बड़े नाम रालोद, निषाद राज, पीस पार्टी और महान दल से हैं। इसमें लैकफेड के चेयरमैन के भी चुनाव लड़ने की चर्चा है।
जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में छोटी पार्टियों के गठबंधन ने अपने-अपने प्रत्याशियों की सूची तैयार कर ली है। सूत्रों की मानें तो रालोद मल्हनी से पूर्व सांसद धनंजय सिंह, सदर से दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कुंवर वीरेंद्र सिंह और मुंगराबादशाहपुर से एक पूर्व विधायक को अपना प्रत्याशी घोषित कर सकता है।
भाजपा से टिकट नही मिलने के बाद मृगेेंद्र सिंह शिव बाबा रालोद की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। उन्हें भी बदलापुर से प्रत्याशी बनाया जा सकता है। वहीं निषाद राज पार्टी शाहगंज से सूर्यभान यादव चुनाव मैदान में उतार चुका है। जफराबाद सीट पर भी भाजपा से टिकट मांग रहे एक नेता को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है।
मड़ियाहूं, मछलीशहर, केराकत में अभी स्थिति स्पष्ट नही है कि सहयोगी दलों के कौन प्रत्याशी होंगे। लैकफेड के चेयरमैन कुंवर वीरेंद्र सिंह सात बार जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन, जिला पंचायत अध्यक्ष, स्थानीय निकाय के विधान परिषद के सदस्य, यूपी स्टेट कोआपरेटिव बैंक के वाइस चेयरमैन रहे हैं।
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव के साथ ही प्रभारी रह चुके हैं। उधर, मल्हनी से पूर्व सांसद धनंजय सिंह दो बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। उनका जिले में अच्छा प्रभाव है। बदलापुर से सिंगरामऊ राज घराने के मृगेंद्र सिंह शिव बाबा भी काफी लोकप्रिय हैं।
उनके बाबा कई बार विधायक रह चुके हैं। जनसंघ के बड़े नेताओं में उनकी गणना होती थी। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि बड़े दलों का खेल रालोद और अन्य छोटे दल कहीं बिगाड़ न दें। वैसे औपचारिक तौर पर घोषणा अभी नहीं हुई है और न ही धनंजय सिंह, कुंवर वीरेंद्र सिंह और शिव बाबा कुछ बोलने को तैयार हैं।