चंदवक। थाने में तैनात हेड कांस्टेबल की मौत को चार दिन बीत गए हैं। उनकी मौत की खबर लगभग सभी हो है लेकिन कुछ उनके चाहने वाले ऐसे भी हैं जिन्हें कोई जानकारी नहीं है। ऐसा ही एक मामला बृहस्पतिवार को चंदवक थाने में देखने को मिला। मृतक दुर्गेश से मिलने पहुंचे उनके दो चाहने वालों में से जब एक ने थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह से पूछा साहब दुर्गेश भैया छुट्टी पर हैं क्या दिखाई नहीं दे रहे..? यह सुनते ही वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मी स्तब्ध हो गए। दुर्गेश की मौत से मर्माहत थानाध्यक्ष ने नम आंखों से कहा कि उन्हें गुजरे चार दिन बीत गए। इतना सुनते ही दोनों व्यक्ति फफक पड़े।
बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे चंदवक थाना परिसर में जनसुनवाई चल रही थी। सभी पुलिसकर्मी अपने-अपने काम में लगे थे। इसी समय गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के प्रमोद कुमार और रामलोचन थाने पर पहुंचे। दोनों ने थानाध्यक्ष से पूछा कि साहब दुर्गेश भैया छुट्टी पर हैं क्या...? दिखाई नहीं दे रहे। ये सुन पुलिसकर्मी एक-दूसरे को देखने लगे। कुछ देर बाद पुलिस कर्मियों ने भावुक होकर सारी घटना बताई। ये सुनते ही प्रमोद और रामलोचन स्तब्ध हो गए। फिर फफक कर रो पड़े।
पुलिस कर्मियों ने उन्हें चुप कराने की कोशिश की, काफी देर बाद दोनों ने खुद को संभाला। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के दुधौरा गांव के निवासी रामलोचन (55) ने बताया कि दुर्गेश साहब दयालु और जन सहयोगी व्यक्ति थे। एक बार उनके बेटा सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। रात का समय था, दुर्गेश सिंह गौरा थाने पर तैनात थे और किसी काम से बाजार गए थे। उन्होंने उनके बेटे को अस्पताल पहुंचाया और रामलोचन को सूचना भिजवाई। जब तक वह पहुंचते दुर्गेश ने उनके बेटे का उपचार आदि करा कर सारा पैसा भी जमा कर दिया था। लगभग 4500 रुपये खर्च हुए थे। रामलोचन अस्पताल पहुंचे और दुर्गेश सिंह को पैसे लौटाने लगे तो उन्होंने लेने से मना कर दिया। कहा बाबा केवल आशीर्वाद दो कि इसी तरह मैं समस्या में रहूं तो कोई न कोई मदद के लिए आ जाये।
इतना बताते बताते रामलोचन फिर रो पड़े और कहा कि शायद मेरे आशीर्वाद में ही कमी रह गई थी। रामलोचन के साथ पहुंचे उसी क्षेत्र के कबीरुद्दीनपुर के प्रमोद कुमार ने भी अपनी बात बताते हुए कहा कि साहब बहुत अच्छे आदमी थे। मेरी भी बहुत मदद की है। दोनों ने बताया कि हमें जानकारी थी कि दुर्गेश जीआरपी चले गए हैं। वहां से चंदवक थाने पर तैनाती होने की जानकारी हुई। दोनों ने थानाध्यक्ष से कहा कि साहब हम लोगों लायक कोई भी सहयोग हो तो कृपया जरूर याद कीजिएगा।