शाहगंज। रामलीला के आठवें दिन मंगलवार की रात में खर-दूषण वध से लेकर स्वर्ण मृग प्रसंग तक की लीला का मंचन किया गया। पक्का पोखरा और नई आबादी स्थित मंचों पर वृंदावन के कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों को जीवंत किया। भगवान श्रीराम का रथ नगर भ्रमण पर निकला तो भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा नगर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह रामदरबार की आरती उतारी और प्रसाद वितरित किया गया।
पक्का पोखरा स्थित मंच पर दिन की लीला में जयंत की कुटिलता, महर्षि अत्रि से मिलन, माता अनसूइया और सीता संवाद, विराध वध तथा सरभंग और अगस्त्य मुनि से मिलन के प्रसंगों का मंचन हुआ। इसके बाद श्रीराम के पंचवटी पहुंचने और कुटिया में निवास करने की लीला दिखाई गई। रात में नई आबादी स्थित मंच पर लीला व्यास योगेश महाराज के कथा वर्णन के बीच शूर्पणखा के पंचवटी पहुंचने और लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। बहन के अपमान से क्रोधित खर-दूषण और श्रीराम के बीच युद्ध तथा खर-दूषण वध की लीला दिखाई गई। इसके बाद शूर्पणखा के रावण के दरबार में पहुंचने, रावण-मारीच की मंत्रणा और मारीच के स्वर्ण मृग का रूप धारण करने का मंचन हुआ। रात में चूड़ी मोहल्ला स्थित मुख्य स्थल से भगवान श्रीराम का रथ नगर भ्रमण के लिए निकला। रथ रामलीला भवन चौराहा, जेसीज चौक, भादी चुंगी तिराहा, तपसी बाबा मंदिर, घासमंडी चौक और पुराना चौक होते हुए संगतजी मंदिर पहुंचा। भजन मंडली ने ढोल-मजीरों की धुन पर भजन प्रस्तुत किए। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह रामदरबार की आरती उतारकर प्रसाद बांटा। रामलीला समिति के अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल ने बताया कि बुधवार से रात्रि की लीला का मंचन गांधीनगर स्थित कलेक्टरगंज फड़ के मंच पर किया जाएगा।