श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड के आरोपी नफीकुल विश्वास की जमानत याचिका जौनपुर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अरविन्द श्रीवास्तव की कोर्ट ने शुक्रवार को निरस्त कर दिया। पिछले कई तिथियों से पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी नफीकुल के अधिवक्ता बहस के लिए उपस्थित नहीं हो रहे थे।
28 जुलाई 2005 की शाम सवा पांच बजे पटना से दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की साधारण बोगी में जौनपुर जिले में हरपालगंज रेलवे स्टेशन के निकट हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग के पास बम आतंकियों ने बम धमाका किया था। इस धमाके में 14 यात्रियों की मौत हो गई थी और कई यात्री घायल हुए थे। विवेचना में चार आतंकी आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। इस मामले में आतंकी आरोपी मुहम्मद आलमगीर उर्फ रोनी और ओवैदुर्रमान उर्फ बाबू भाई को स्थानीय न्यायालय पहले ही फांसी की सजा सुना चुकी है।