जिला कारागार के पृथक बैरक में लंबे समय से बंद आतंकी हिलालुद्दीन और नफीकुल विश्वास को अलग-अलग बैरक में रखा गया था। आतंकियों को पिछले 16 वर्षों से इन्हीं बैरकों में रखा गया था। इससे पहले मामले में मौत की सजा पाने वाले आतंकी रोनी और ओबैदुर्रहमान को भी इन्हीं बैरकों में रखा गया था।
हाईकोर्ट जाने की तैयारी
दोनों आतंकियों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता ताजुल हसन ने कहा कि हाईकोर्ट जाएंगे, इसकी तैयारी कर ली गई है। हाईकोर्ट से डेथ कन्फर्मेशन के बाद ही मौत की सजा दी जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात आतंकियों को नैनी सेंट्रल जेल प्रयागराज भेजा गया। खाली बैरक में दूसरे कैदियों को रखा जाएगा। -एसके पांडेय, जेल अधीक्षक, जिला कारागार