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शहीद महेंद्र प्रताप और सतिराम की पैतृक गांव में लगेगी प्रतिमा

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जौनपुर। देश की सीमा की रक्षा करते शहीद हुए सुईथाकला ब्लाक के गौसपुर निवासी महेंद्र प्रताप और सिरकोनी ब्लाक के सेहमलपुर गांव निवासी सतिराम यादव की मूर्तियां उनके गांवों स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत दोनों शहीदों की प्रतिमाओं का निर्माण संस्कृति विभाग के माध्यम से शुरू करा दिया गया है। दोनों शहीदों के पैतृक गांव में दो-दो लाख रुपये से प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
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देश की आन, बान, शान के लिए अपना जान न्योछावर करने में जौनपुर के सैनिक आगे रहे हैं। वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता आंदोलन से लेकर 1947 तक यहां के कई सपूतों ने मातृभूमि के लिए अपनी जान दे दी। स्वतंत्रता के बाद भी विभिन्न सैनिक अभियानों, आतंकी हमलों व विपरीत हालातों में ड्यूटी करते हुए वीर सपूत शहादत देते रहे हैं। सुईथाकला ब्लाक के गौसपुर निवासी महेंद्र प्रताप वर्ष 1997 में कारगिल के पास आतंकी हमले में शहीद हुए थे। सिरकोनी ब्लाक के सेहमलपुर गांव निवासी सतिराम यादव ने भी 1993 में सियाचीन बार्डर पर अपनी जान गंवाई थी। परिवार की ओर से हर वर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में इन शहीदों को याद किया जाता है। ग्रामीणों की मांग पर दोनों गांवों के प्रवेश द्वार पर शहीद गेट तो बना दिया गया, लेकिन प्रतिमा स्थापना नहीं की जा सकी थी। अब मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत प्रतिमा निर्माण की कवायद की गई है। दोनों शहीदों के पैतृक गांव में दो-दो लाख रुपये से प्रतिमा स्थापित की जाएगी। संस्कृति विभाग के माध्यम से इसका निर्माण भी शुरू हो चुका है। शीघ्र ही प्रतिमा को जिले में लाकर स्थापित करा दिया जाएगा।
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आतंकी हमले में शहीद हुए थे महेंद्र प्रताप
गौसपुर गांव निवासी महेंद्र प्रताप यादव वर्ष 1997 में ड्यूटी पर जाते समय आतंकी हमले में शहीद हुए थे। परिवार में पत्नी रीता देवी और एक पुत्र विकास यादव (25) हैं। सरकार की ओर से पत्नी को ढाई बीघे जमीन दी गई है, मगर अन्य किसी भी लाभ से न जुड़ने का मलाल है। पुत्र विकास का कहना है कि पिता के नाम पर गांव में गेट और चौराहे पर मूर्ति लगाने का वादा किया था। कई वर्षों बाद गेट निर्माण शुरू हुआ, जिसका काम जारी है। प्रतिमा के लिए गौसपुर चौराहे पर जमीन चिह्नित है। अब प्रतिमा लगने की प्रक्रिया शुरू होना सुखद है। देर से ही सरकार को शहीद की याद तो आई।
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सतिराम ने सियाचीन में गंवाई थी जान
सिरकोनी ब्लाक के सेहमलपुर गांव निवासी सतिराम यादव 18 दिसंबर 1993 को सियाचीन में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। वे सेना में लांसनायक थे। बेस प्वाइंट पर ही उनकी अंत्येष्टि कर दी गई थी। परिवार के लोग उनके अंतिम दर्शन कर पाए थे। हर वर्ष उनकी स्मृति में परिवार के लोग शहादत दिवस मनाते हैं। इस कार्यक्रम में लगातार उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठती रही है। आश्वासन भी मिलते रहे। शहीद सतिराम यादव के भाई सियाराम यादव बताते हैं कि दो वर्ष पूर्व जफराबाद विधायक डॉ. हरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रतिमा और गेट बनवाने का भरोसा दिया था। गेट तो बन गया। अब प्रतिमा लगने का इंतजार है।
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मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत शहीद महेंद्र प्रताप यादव और सतिराम यादव की प्रतिमा स्थापना की मंजूरी मिली है। पैतृक गांवों में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। संस्कृति विभाग प्रतिमा का निर्माण करा रहा है। शीघ्र ही प्रतिमा लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। -जेपी मौर्य, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत।
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