जौनपुर। भूमि विवाद और पुलिस से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए शनिवार को थाना समाधान दिवस में पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने संयुक्त रूप से सुनवाई की। शहर कोतवाली में मौजूद डीएम मनीष कुमार वर्मा, एसपी राजकरन नय्यर ने सुनवाई के दौरान तल्ख तेवर दिखाए तो राजस्व और पुलिसकर्मी हरकत में आए। नतीजा दो मामलों का मौके पर ही समाधान हो गया, जबकि एक मामला दूसरे थाने का होने का चलते वहां भेजा गया। डीएम ने हिदायत दी कि समाधान दिवस के मामलों में लापरवाही बिल्कुल न बरतें। कोशिश करें कि हर हाल में समस्या का उसी दिन समाधान हो जाए।
शहर कोतवाली में पहुंचे चाचकपुर निवासी अनूप ने अपनी भूमि पर प्रधानमंत्री आवास निर्माण में कुुछ लोगों के जरिए अवरोध पैदा करने की शिकायत की। बताया कि जमीन खरीदकर मकान बना रहा है। अब छत पड़ने वाली है, लेकिन विरोधी काम रोक रहे हैं। डीएम ने कोतवाल को मौके पर जाकर समाधान का निर्देश दिया। शकरमंडी के लालबहादुर मौर्य ने बताया कि एसडीएम ने उसे भूमि पर काबिज होने का आदेश दिया था। इसके बाद विपक्षी ने उसके हिस्से में भी ईंट रख दिया है। अब वह मारपीट पर आमादा है। डीएम ने हलका लेखपाल को बुलाया और तत्काल पुलिस के साथ मौके पर जाने को कहा। शहर कोतवाल संजीव मिश्र को निर्देश दिया कि अगर विपक्षी अवरोध पैदा करता है तो उसे पकड़कर जेल भेजें। मुफ्ती मोहल्ले के गुड्डन के मकान से जुड़े विवाद के निस्तारण के लिए भी टीम भेजी गई। इस दौरान कुल छह मामले आए। इसमें चार का निस्तारण हुआ।
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चार घंटे में आए सिर्फ दो मामले, दोनों निस्तारित
शाहगंज। नायब तहसीलदार अमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में कोतवाली परिसर में समाधान दिवस पर जमीन विवाद के दो मामले आए। ताखा गांव में आबादी की भूमि को लेकर पड़े प्रार्थना पत्र में राजस्व निरीक्षक, लेखपाल व कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। जहां आसपास के लोगों से वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच मामले का निस्तारण कराया। दूसरा प्रार्थना पत्र सबरहद रसूलपुर गांव निवासी अनिल कुमार द्वारा जमीनी मामले का पड़ा जिसमें नायब तहसीलदार ने दूसरे पक्ष को थाने बुलाकर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराते हुए मामले का निस्तारण कराया। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक आदेश कुमार त्यागी, शीतलु राम, मंशाराम, लेखपाल ओम प्रकाश यादव आदि मौजूद रहे।
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साहब, विपक्षी नहीं बहने दे रहे नाली का पानी
महराजगंज। स्थानीय थाने में एसओ ओमनारायण सिंह के नेतृत्व में कुल मामलों की सुनवाई हुई। बर्जी खुर्द के नवनीत सिंह ने कहा कि वर्षों से नाली का पानी जिस रास्ते से बह रहा है वह मेरी आबादी में है। विपक्षी अब मिट्टी डालकर उसे बंद कर रहे हैं। इससे जलनिकासी नहीं हो रही। विरोध करने पर मारपीट करने लगते हैं। राजस्व निरीक्षक ने हलका लेखपाल प्रमोद को मौके पर जाकर इसकी रिपोर्ट देने को कहा। यहां कुल सात मामले आए, जिसमें एक का ही निस्तारण हुआ।
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बक्शा थाने में डरे-सहमे पहुंचे फरियादी
बक्शा। हिरासत में युवक की मौत के बाद बक्शा थाने में दूसरे दिन भी फोर्स तैनात रही। यहां सुबह से ही एएसपी ग्रामीण त्रिभुवन सिंह डटे रहे। हालांकि वह घटना से जुड़ी जांच प्रक्रिया को निपटाते रहे। थाना समाधान दिवस पर प्रभारी निरीक्षक वशिष्ठ यादव ने सुनवाई की। गिनती के फरियादी ही आए। उनमें भी भारी फोर्स देखकर भय बना रहा।