केराकत/चंदवक। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को अवैध अवैध रूप से चल रहे नौ अस्पतालों में छापा मारकर जांच की। अनियमितता मिलने पर तीन अस्पताल सीज किए गए। जांच टीम के आने की सूचना पर एक अस्पताल संचालक ताला बंद कर भाग गया। छह अस्पताल संचालकों को चेतावनी देकर पूरा डिटेल मांगा गया है।
एसडीएम केराकत शैलेंद्र कुमार ने बताया कि प्रभारी डिप्टी सीएमओ डॉ. आलोक कुमार सिंह और सीएचसी डोभी के अधीक्षक डाॅ. जितेंद्र कुमार गुप्ता की टीम के साथ चंदवक बाजार के आजमगढ़ रोड स्थित अंशिका बाल चिकित्सालय, कीर्ति बाल चिकित्सालय पर छापा मारकर जांच की गई। उन्होंने बताया कि छापे की जानकारी लगते ही पास में स्थित यथार्थ हॉस्पिटल का संचालक अस्पताल बंद कर भाग गया। अंशिका व कीर्ति अस्पताल में जांच के दौरान डाॅक्टर की डिग्री और अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला। जांच टीम ने तीनों अस्पतालों को सीज कर दिया। इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सीएचसी व अन्य अस्पतालों में इलाज के लिए भेज दिया गया। प्रभारी डिप्टी सीएमओ डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जो भी अस्पताल अवैध तरीके से संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएंगी। अस्पताल संचालकों से डिटेल मांगा गया है।
उधर, जांच टीम ने केराकत में छह अस्पतालों में छापा मारकर जांच की। जांच के बाद सभी को चेतावनी देकर उनसे अस्पताल के कागजात मांगे गए। एसडीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि जांच टीम केराकत रेलवे स्टेशन रोड पर संचालित दुर्गावती पॉली क्लीनिक की जांच करने पहुंची। वहां डॉक्टर के स्थान पर दो अप्रशिक्षित कर्मी मरीजों की देखभाल करते मिले। उनके पास कोई डिग्री नहीं थी। टीम ने उनका नाम व पता दर्ज कर कड़ी चेतावनी दी। जांच के दौरान अस्पताल में 9 मरीज, रियांश हॉस्पिटल में एक और सागर हॉस्पिटल में एक मरीज भर्ती पाए गए। इसके बाद जांच टीम ने बुद्धाय हॉस्पिटल, बुआ हॉस्पिटल, सनराइज हॉस्पिटल में छारकर जांच की। इन अस्पतालों में भी अनियमितता पाई गई। अस्पताल बिना पंजीकरण के चलते मिले। डाक्टरों के नाम और उनकी डिग्री भी नहीं दिखा सके। सभी अस्पताल संचालकों से अस्पताल का पंजीकरण, डाॅक्टर का नाम, स्टाफ की संख्या का डिटेल मांगा गया है। एसडीएम ने बताया कि केराकत तहसील क्षेत्र में बिना मानक के चल रहे अस्पतालों की जांच डीएम के निर्देश पर की जा रही है।