जौनपुर। जिले में संचालित आठ संस्कृत विद्यालयों की दशा सुधारने की पहल शुरू हो गई है। छात्रों को प्रैक्टिकल के लिए प्रयोगशाला और पढ़ने के लिए पुस्तकालय की व्यवस्था की जाएगी।सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सभागार भी बनाया जाएगा। डीपीआर बनाकर भेज दिया गया है। मरम्मत कार्य के लिए धन भी स्वीकृत कर दिया है।
इन कार्याें पर खर्च होने वाले धन का पांच प्रतिशत स्कूल प्रबंधन को देना होगा, जबकि 95 प्रतिशत धन शासन से मिलेगा। पहले चरण में आठ विद्यालयों का डीपीआर बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन को जिन स्कूलों का डीपीआर भेजा गया है उनमें श्री राम जानकी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय तियरा बदलापुर, संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवढियां, श्री संकठा प्रसाद माध्यमिक संस्कृत विद्यालय पटखौली भदखिन रामपुर, माध्यमिक संस्कृत विद्यालय भैसहीं बालवरगंज, श्रीरामचंद्र संस्कृत विद्यालय मुंगराबादशाहपुर, श्री शिव संस्कृत विद्यालय बटेश्वरनाथ बरईपार, श्री महानंद संस्कृत माध्यमिक विद्यालय अमांव मधुपुर, नेहरू संस्कृत माध्यमिक विद्यालय वारी बरहता जौनपुर का डीपीआर भेजा गया है। इनकी अनुमानित लागत 25 लाख से 50 लाख तक भेजा गया है। शासन से धन स्वीकृत होने का इंतजार है।
जिले में कुल 68 संस्कृत विद्यालय हैं। इसमें से आठ विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेज दिया गया है। धन स्वीकृत होने के बाद स्कूलों में निर्माण कार्य कराया जाएगा। -राजीव मिश्र, सहजिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर