जौनपुर। कड़ाके की ठंड के बीच मंगलवार को शासन ने स्कूल खोलने का फरमान जारी कर दिया। सुबह कड़ाके की ठंड के बीच पहले दिन स्कूल खुले। गलन और सर्दी के बीच छात्र कम संख्या में स्कूल पहुंचे।
ठंड के चलते स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति न के बराबर रही। कहीं शून्य तो कहीं दो-चार बच्चे ही स्कूल पहुंचे। सरकारी स्कूलों में तो उपस्थिति काफी कम रही। निजी स्कूलों में भी 50 फीसदी से कम बच्चे स्कूल पहुंचे। सरकारी आदेश पर 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक शीतावकाश घोषित किया गया था। 16 जनवरी से स्कूल खुले तो केवल शिक्षक ही स्कूल बुलाए गए। ठंड के चलते शिक्षक ही स्कूल में बैठककर कामकाज निबटा रहे थे। सरकारी जहां 22 दिन तो प्राइवेट स्कूल 30 दिन बाद मंगलवार को खुले तो छात्रों की संख्या न के बराबर रही। नजदीक के स्कूलों में 10 से 15 छात्र दिखाई दिए।
मंगलवार को शहर सहित पूरे जिले में घना कोहरा रहा। हालांकि स्कूल सुबह 10 बजे खोलने का आदेश था लेकिन इस दौरान दोपहर करीब एक बजे तक घना कोहरा छाया रहा। करीब दो बजे हल्की धूप निकली तो सूर्य देव के दर्शन हुए। इस बीच जो विद्यार्थी स्कूल पहुंचे, उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी दूर से आने वाले विद्यार्थियों को हुई। साइकिल और अन्य साधनों पर स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को कोहरे के कारण रास्ता तय करने में परेशानी हुई।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को ऑटो, ई-रिक्शा न मिलने के कारण स्कूल पहुंचने में देरी हुई। कड़ाके की सर्दी के कारण अध्यापकों की उपस्थिति भी कम रही। 22 दिन बाद स्कूल खुले तो पहले दिन नाममात्र पढ़ाई हुई। जिले में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। दो सप्ताह से धूप नहीं निकलने के कारण ठंड और गलन का असर बना हुआ है।