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Jaunpur News: मनरेगा श्रमिकों का 40.90 करोड़ मजदूरी बकाया

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जौनपुर। मनरेगा में श्रमिकों को किसी तरह गांवों में ही रोजगार मिल जा रहा है लेकिन मजदूरी के लिए श्रमिकों को भटकना पड़ रहा है। विभाग श्रमिकों को मजदूरी देने में फिसड्डी साबित हो रहा है। दो माह में करीब 85 हजार श्रमिकों की 40 करोड़ 90 लाख 5247 रुपये की मजदूरी बकाया है। इससे उनके सामने रोजी-रोटी की दिक्कतें खड़ी हो गई हैं।
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प्रशासन की तरफ से जोरों से स्कूलों में बाउंड्रीवाल, अमृत सरोवर, खेल मैदान का निर्माण आदि पर विशेष ध्यान केंद्रित है। श्रमिकों को मजदूरी न मिलने से जहां मजदूर परेशान हैं, वहीं प्रधानों पर बोझ है। जिले में मनरेगा कार्डधारकों की संख्या चार लाख 57 हजार 282 हैं। इसमें तीन लाख 24 हजार 31 कार्डधारक सक्रिय है। समय पर मजदूरी दिलाने के लिए सक्रिय कार्डधारकों के आधार कार्ड की फीडिंग कर दी गई।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, दो माह का करीब 85 लाख मनरेगा श्रमिकों के खाते में 40 करोड़ 90 लाख 5247 रुपये मजदूरी का पैसा नहीं आया है। आए दिन श्रमिक मजदूरी के लिए प्रधानों का चक्कर लगा रहे हैं। उधर, प्रधान बकाए भुगतान के लिए विकास खंड कार्यालय जिला मुख्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
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महराजगंज के मनरेगा श्रमिक तुरकौली निवासी शमशाद और बिंदु ने बताया कि मजदूरी तीन माह से माह से नहीं मिली है। इसी तरह, एकहुआ गांव निवासी राम किशोर व श्याम कुमारी का कहना है कि दो माह से मजदूरी नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना भारी हो गया है। जिम्मेदारों को हम मजदूरों पर ध्यान देना चाहिए। ग्राम पंचायतों में मनरेगा गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने व शहरों की ओर से हो रहे पलायन को रोकने का एक बड़ा माध्यम है कोविड काल के दौरान लगे लाॅकडाउन में बड़े पैमाने पर बाहर से आए बेरोजगारों को मनरेगा ने रोजगार देकर बड़ा सहारा दिया था।


वर्जन ...

बीते दो माह से मनरेगा श्रमिकों की करीब 40 करोड़ 90 लाख 5247 रुपये मजदूरी का भुगतान बाधित है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही सभी श्रमिकों का भुगतान हो जाए। मनरेगा श्रमिकों को किसी तरह से दिक्कतें न हो इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है। - सुशील कुमार, उपायुक्त मनरेगा
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