जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में बिना परीक्षा के ही बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश तो दे दिया गया, लेकिन स्कूल बंद होने के कारण पढ़ाई ठप हो गई है। इस साल ऑनलाइन क्लास का भी संचालन नहीं शुरू हो सका है। कोविड 19 के इस दौर में पढ़ाई करने वाले बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। उनका कहना है कोरोना संक्रमण ने इस दौर के बच्चों का भविष्य चौपट किया है। बाधित पढ़ाई की भरपाई कैसे हो सकेगी, इसका कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है।
पिछले साल लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद हुए तो आनलाइन और मोहल्ला क्लास के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की कोशिश हुई थी। कई ब्लाकों में इस अभियान के सार्थक परिणाम भी दिखे थे। परंतु इस साल कोरोना की दूसरी लहर के चलते स्कूल बंद कर दिए गए और आनलाइन या मोहल्ला क्लास की भी कोई तैयारी नहीं की गई है। जिससे बच्चों की पढ़ाई बंद हो गई है।
जिले में 2416 प्राइमरी और 778 जूनियर हाईस्कूल हैं। इनमें करीब चार - चार लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। कोरोना काल में लॉकडाउन लगा तो स्कूलों में आनलाइन पढ़ाई कराने की कवायद शुरू की गई। खास तौर से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चे संसाधनों के अभाव में आनलाइन क्लास से भी नहीं जुड़ सके थे। ऐसे बच्चों के लिए मोहल्ला क्लास बेहतर विकल्प था, लेकिन नए शिक्षण सत्र में न तो आनलाइन क्लास कहीं चल रहा है और न ही मोहल्ला क्लास की ही कोई चर्चा है। बक्शा के दरियावगंज निवासी सुनीता का कहना है कि बेटा पुनीत पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। पिछले साल तो बिना परीक्षा के उसे पास कर दिया गया। पढ़ाई नहीं शुरू हुई। जिससे बच्चे के भविष्य को लेकर चिंता है।
:::
स्कूल बंद होने के बाद अभी तक आनलाइन या मोहल्ला क्लास शुरू न करने की एक वजह पंचायत चुनाव भी है। नया शिक्षण सत्र शुरू होने के बाद से ही चुनाव ड्यूटी के लिए लगाए गए शिक्षकों की ट्रेनिंग शुरू हो गई। अब जिले में चुनाव सम्पन्न हुआ है तो अब शिक्षक फुर्सत में हुए हैं। बच्चों को आनलाइन क्लास से जोड़ने के लिए फिर से तैयारी शुरू की जा रही है। - चतुर्भुज यादव, एकेडमिक रिसोर्स परशन, बक्शा।
वर्जन
जब तक स्कूल बंद हैं तब तक बच्चों को ऑनलाइन क्लास से जोड़कर उनकी पढ़ाई जारी रखने का आदेश महा निदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद की ओर से जारी किया गया है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। जल्द ही सभी स्कूलों में आनलाइन क्लास शुरू कराई जाएगी। - जय कुमार यादव, प्रभारी बीएसए।