सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के 325 विधानसभा सीटों के उम्मीदवार की घोषणा करके चुनावी बिगुल फूंक दिया है। जिले की नौ सीटों में से छह पर घोषित प्रत्याशियों में बदलापुर के विधायक ओमप्रकाश दूबे उर्फ बाबा दूबे का टिकट काटकर संगीता यादव को प्रत्याशी बनाकर सबको हैरान कर दिया है,
उधर मुंगराबादशाहपुर सीट पर पूर्व में घोषित ज्वाला यादव के स्थान पर पंकज पटेल को प्रत्याशी घोषित किया गया है। जिले की शाहगंज, जफराबाद और मंडियाहू सीट की घोषणा नहीं हुई है। तीनों पर सपा के विधायक हैं।
मल्हनी विधानसभा सीट पर कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, मछलीशहर सुरक्षित सीट से प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री जगदीश सोनकर, केराकत सुरक्षित सीट से विधायक गुलाब चंद सरोज को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है। ऊर्जा राज्यमंत्री शैलेंद्र यादव ललई जो कि शाहगंज से विधायक हैं,
मड़ियाहूं से विधायक श्रद्धा यादव और जफराबाद से विधायक शचींद्र त्रिपाठी पर अभी पार्टी ने कोई भी फैसला नहीं किया है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इन तीनों के टिकट खतरे में हो सकते हैं। ऊर्जा राज्यमंत्री शैलेंद्र यादव ललई भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं।
समाजवादी पार्टी ने इसके पूर्व अपनी हारी हुई दोनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर रखा था जिसमें जौनपुर सदर सीट से जावेद सिद्दीकी तो मुंगराबादशाहपुर से ज्वाला प्रसाद यादव को अपना प्रत्याशी बनाया था लेकिन जावेद सिद्दीकी तो अपनी सीट बचाने में कामयाब हो गए पर ज्वाला प्रसाद यादव को पार्टी मुखिया ने तगड़ा झटका देते हुए मुंगराबादशाहपुर
सीट से पंकज पटेल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। गौरतलब हो कि 2012 के विधानसभा चुनाव में ज्वाला प्रसाद यादव अपना दल से चुनाव लड़े थे और उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था पर सरकार बनते ही उन्हें सपा से प्रेम हो गया और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उन्हें पुन: पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई थी।
वर्ष 2012 में पंकज पटेल सपा के प्रत्याशी घोषित किए गए थे लेकिन बाद में विनोद सिंह को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया था। पंकज के पिता फूलचंद्र पटेल मुरादाबाद में अपर जिला जज है। बदलापुर विधानसभा सीट से पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत कर विधानसभा पहुंचे ओम प्रकाश दूबे उर्फ बाबा दूबे की नजदीकियां प्रदेश के मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव से जगजाहिर है। उनके पुत्र अरूण दूबे सनी मुख्यमंत्री के नौ रत्नों में गिने जाते है। मुख्यमंत्री के करीबी होने का खामियाजा बाबा दूबे को अपना टिकट गवांकर भुगतना पड़ रहा है। यहां से शिवपाल यादव गुट की मानी जानी वाली पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संगीता यादव को पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है।