स्थानीय तहसील क्षेत्र के जहांसापुर गांव के पास माइनर ओवरफ्लो होने से जहांसापुर और कोढ़ा गांव की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। इन गांवों में एक सप्ताह में दूसरी बार ओवरफ्लो होने से फसलें जलमग्न हुई है। खेतों में दोबारा पानी भरने से फसल पूरी तरह चौपट हो गई है।
जिन खेतों में पानी भर गया है उनमें गेहूं की बुवाई की गई थी। गन्ना के खेतों में भी पानी भर गया है जिससे किसान गन्ना की फसल भी समय से नहीं काट सकेंगे। क्षेत्र के बोड़ेपुर व घिसुआखुर्द माइनर के ओवरफ्लो होकर कटने से 15 दिन पहले कोढ़ा व जहांसापुर के तमाम किसानों की फसल जलमग्न हो गई थी।
पीड़ित किसानों ने तहसील दिवस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार को ज्ञापन दिया था जिसपर सिंचाई विभाग को निर्देश जारी कर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिया था कि एक सप्ताह के अंदर माइनर की खुदाई व सफाई कर ली जाए। की सफाई नहीं हुई और दोबारा पानी छोड़ दिया गया।
रात में नहर का पानी तेज हुआ तो माइनर ओवरफ्लो होकर कई स्थानों पर कट गई। जिससे रात भर में जहांसापुर और कोढ़ा गांव में माइनर के किनारे करीब सौ एकड़ से अधिक एरिया की फसल पानी में डूब गई। जिन खेतों में पानी भर गया है वहां से जल निकासी की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
किसान वीरेंद्र भाष्कर यादव, श्याम नरायन , उमा शंकर यादव , जनार्दन सिंह, लल्लन,अनिल , जयराम पटेल , बिहारी राम गौतम, दिनेश यादव सहित कई किसानों ने नहर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर नष्ट फसलों का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।