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पिछले साल बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुईं सुषमा पटेल को अखिलेश ने मड़ियाहूं से बनाया प्रत्याशी, इसी सीट से सास-ससुर रह चुके हैं विधायक

Mon, 07 Feb 2022 07:13 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

समाजवादी पार्टी ने मड़ियाहूं सीट से साल 2009 के उपचुनाव में श्रद्धा यादव को मौका दिया था और उन्होंने जीत दर्ज की थी। इसके बाद साल 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में भी सपा से श्रद्धा यादव जीती थीं।
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सपा ने मड़ियाहूं से सुषमा पटेल को बनाया प्रत्याशी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समाजवादी पार्टी ने जौनपुर की एक और सीट पर अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। मड़ियाहूं से पूर्व विधायक श्रद्धा यादव की जगह पिछले साल बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुईं मुंगराबादशाहपुर की विधायक सुषमा पटेल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इनकी सास और ससुर मड़ियाहूं विधानसभा से विधायक रह चुके हैं।

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सुषमा पटेल मूलरूप से मड़ियाहूं विधानसभा क्षेत्र की साहोपट्टी की रहने वाली हैं। इनके ससुर दूधनाथ पटेल 1985 में लोकदल से व सास सावित्री पटेल 1989 में जनता दल और फिर 1993 में सपा-बसपा गठबंधन से मड़ियाहूं से ही विधायक रह चुकी हैं। सुषमा पटेल ने जीव विज्ञान में पीएचडी की है और वे सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही थीं।

इसी दौरान वर्ष 2008 में रणजीत सिंह पटेल से इनकी शादी हुई, जो जिला समाज कल्याण अधिकारी पद पर कार्यरत थे। सास की प्रेरणा से सुषमा पटेल 2017 में राजनीति में आ गईं। मुंगराबादशाहपुर से बसपा से चुनाव लड़ीं और 69557 वोट पाकर पहले प्रयास में विधायक बनीं। इस चुनाव में भाजपा नेत्री व इस समय राज्य सभा सांसद सीमा द्विवेदी 63637 पाकर दूसरे स्थान पर थीं।

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वर्ष 2009 से श्रद्धा यादव को सपा दे रही थी मौका 

साल 2020 में बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में सुषमा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। इसके बाद वे पिछले साल के अंत में सपा में शामिल हो गई थीं। सुषमा पटेल के पति रणजीत सिंह भी पहले ही सरकारी सेवा छोड़कर सपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। मड़ियाहूं विधानसभा में कुर्मी मतदाताओं की संख्या अधिक मानी जाती है।

इस सीट पर ब्राह्मण और यादव मतदाता भी निर्णायक भूमिका में हैं। पिछले विधानसभा में यह सीट भाजपा ने सहयोगी दल अनुप्रिया पटेल की अगुवाई वाली अपना दल (एस) के लिए छोड़ी थी। अपना दल (एस) ने डॉ. लीना तिवारी को मौका दिया था, जिन्होंने 58804 मत पाकर विजय हासिल की थी। जबकि दूसरे स्थान पर रहीं सपा की श्रद्धा यादव को 47454 मत मिले थे। 

समाजवादी पार्टी ने मड़ियाहूं सीट से साल 2009 के उपचुनाव में श्रद्धा यादव को मौका दिया था और उन्होंने जीत दर्ज की थी। इसके बाद साल 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में भी सपा से श्रद्धा यादव जीती थीं। सपा ने उन्हें फिर 2017 में मौका दिया था लेकिन वह अपना दल (एस) की प्रत्याशी डॉ. लीना तिवारी से चुनाव हार गईं थीं। इस बार सपा ने उनका टिकट काटकर पिछले साल सपा में शामिल हुई सुषमा पटेल पर दांव खेला है।
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