साल 2020 में बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में सुषमा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। इसके बाद वे पिछले साल के अंत में सपा में शामिल हो गई थीं। सुषमा पटेल के पति रणजीत सिंह भी पहले ही सरकारी सेवा छोड़कर सपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। मड़ियाहूं विधानसभा में कुर्मी मतदाताओं की संख्या अधिक मानी जाती है।
इस सीट पर ब्राह्मण और यादव मतदाता भी निर्णायक भूमिका में हैं। पिछले विधानसभा में यह सीट भाजपा ने सहयोगी दल अनुप्रिया पटेल की अगुवाई वाली अपना दल (एस) के लिए छोड़ी थी। अपना दल (एस) ने डॉ. लीना तिवारी को मौका दिया था, जिन्होंने 58804 मत पाकर विजय हासिल की थी। जबकि दूसरे स्थान पर रहीं सपा की श्रद्धा यादव को 47454 मत मिले थे।
समाजवादी पार्टी ने मड़ियाहूं सीट से साल 2009 के उपचुनाव में श्रद्धा यादव को मौका दिया था और उन्होंने जीत दर्ज की थी। इसके बाद साल 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में भी सपा से श्रद्धा यादव जीती थीं। सपा ने उन्हें फिर 2017 में मौका दिया था लेकिन वह अपना दल (एस) की प्रत्याशी डॉ. लीना तिवारी से चुनाव हार गईं थीं। इस बार सपा ने उनका टिकट काटकर पिछले साल सपा में शामिल हुई सुषमा पटेल पर दांव खेला है।