इस कारण ज्यादातर एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। कुछ छात्रों को एयरपोर्ट से भी लौटा दिया गया है। गरिमा ने अपने पिता को बताया कि हमें अपने कमरे में ही रहने और दूतावास से संपर्क में रहने को कहा गया है। एटीएम और खाने पीने की सामग्री की दुकानों पर मारामारी की स्थिति है।
डॉक्टर गजेंद्र पांडेय ने कहा कि भारतीय छात्रों के भविष्य को देखते हुए तत्काल भारत सरकार को सक्रिय होना चाहिए। उन्होंने सरकार से यूक्रेन संकट में फंसे छात्रों की मदद की गुहार लगाई। यूक्रेन के ताजा माहौल को देखते हुए वे भारतीय अभिभावक बेहद चिंतित हैं जिनके कलेजे के टुकड़े वहां पढ़ने के लिए गए हुए हैं।