दोनों डकैत पिस्टल लहराते हुए अंदर घुस गए। बैंक में उस वक्त कर्मियों के अलावा तीन ग्राहक मौजूद थे। डकैतों ने सभी को एक कोने में हाथ ऊपर कर खड़ा करा दिया। इस बीच तीसरा डाकू बैग लेकर सीधे कैशियर मोहम्मद फैज के केबिन के पास पहुंचा। कैशियर ने केबिन बंद कर लिया था पर गोली मारने की धमकी देने पर उसने दरवाजा खोल दिया।
डकैत ने नोटों के बंडल बैग में भर लिए और तीनों को धमकी देते हुए बाहर निकले जहां दो बाइक पहले से स्टार्ट कर खड़े डकैतों के साथियों संग जौनपुर की ओर भाग निकले। बाद में बैंक कर्मियों ने यूपी 100 और कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
कोतवाली में उस वक्त समाधान दिवस में सीओ विजय कुमार सिंह जनता की फरियाद सुन रहे थे। सूचना मिलने पर कोतवाली, सिकरारा, बक्शा सहित अन्य थानों से भी फोर्स बैंक पर पहुंच गई। घटना के डेढ़ घंटे बाद पुलिस अधीक्षक रविशंकर छवि और एसपी आरए संजय राय भी पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक ने बैंक के सीसीटीवी फुटेज के अलावा अगल बगल के कैमरों की फुटेज खंगाली। डकैतों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।