जेसिस चौराहे पर गुरुवार को बिना हेलमेट के बाइक चलाते लोग।
बाइक पर पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट अनिवार्य किए जाने का शासनादेश जारी होने के पहले दिन गुरुवार को इसका कोई असर नहीं दिखा। रोज की तरह बाइक सवार बिना हेलमेट के ही सड़कों पर फर्राटे भरते रहे। पुलिस थानों और पिकेट के सामने से भी लोग बेखौफ बाइक से बिना हेलमेट के गुजरते रहे।
चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के इस कानून पर अमल हुआ तो सड़क हादसे में होने वाली मौतों की घटनाओं में कमी जरूर आएगी। पिछले दिनों जिले में हुए सड़क हादसों और उसमें हुई मौत के आंकड़ों पर गौर करें तो जितनी मौतें हुई हैं उसमें किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था।
जबकि हेलमेट पहन कर बाइक चलाने वाले लोग हादसे में चुटहिल जरुर हुए लेकिन उनकी जान बच गई। शहर के जेसीज चौराहे पर देखा गया कि आधे घंटे में तकरीबन 100 से अधिक बाइक सवार निकले जिसमें मात्र 19 लोगों ने हेलमेट पहना था। लेकिन बाइक के पीछे बैठने वालों में किसी ने भी हेलमेट नहीं लगाया था।
कमोवेश यही स्थिति पालिटेक्निक चौराहे की भी रही। जहां 15 मिनट में 42 लोग निकले जिसमें तीन लोग हेलमेट लगाए थे। दरोगा और सिपाही भी बिना हेलमेट के ही तेजी से निकल गए। एसपी रोहन पी कनय का कहना है कि हेलमेट लगाना अनिवार्य है। इसे लेकर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हेलमेट लगाने से खुद की सुरक्षा होती है।