स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख एंटी राइट टीम पहुंची और बैलेट फायर किया, फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछार की। इसके बाद भी दंगाई नहीं हटे। आंसू गोस के गोले छोड़े। इससे प्रदर्शनकारी हट तो गए। लेकिन, टीम के जाते ही और आक्रोशित हो गए। जिसके बाद पुलिस की लाठी टीम पुलिस सुरक्षा के साथ पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को काबू में लाने का प्रयास किया, मगर स्थिति बिगड़ गई, जिसके कारण पुलिस की फायर पार्टी को राइफल आदि के साथ आना पड़ा। जिस पर बलवाइयों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस पर पुलिस को गोली चलानी पड़ गई। इससे भदगड़ मच गई और बलवाई भाग खड़े गए। मगर एक की मौत हो गई। दो लोग घायल हो गए।
एंबुलेंस से उन्हें पुलिस लाइन में ही बने अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर शव को मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराने के साथ ही आगे की कार्रवाई की। इस पुलिस की एक पार्टी दंगा स्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने का कार्य करती है। दोपहर 12 बजे तक चले इस दंगा नियंत्रण अभ्यास को देखने के लिए लोग जमे रहे। एसपी और एएसपी ग्रामीण ने बताया कि दो साल बाद दंगा नियंत्रण का अभ्यास कराया गया है। सभी पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारियों का अच्छे से निर्वहन किया है।