जिले का मौसम का मिजाज रविवार को अचानक बदल गया। पूरे दिन आसमान में बदली छाई रही और रिमझिम बरसात हुई। इस दौरान हवाएं भी चलीं।
इससे किसानों की चिंता बढ़ गई। हफ्तेभर पहले ही बरसात के साथ तेज हवा ने गेहूं, चना और अरहर की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया था। इस बारिश से बौर लेती आम की फसल पर भी असर डालने की आशंका है।
शनिवार देर रात से ही आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ शुरू हो गई थी। सुबह होते ही बदली भरे मौसम में तेज हवाओं से लोगों ने ठंड महसूस की। तकरीबन नौ बजते-बजते बारिश शुरू हो गई और नगरीय जनजीवन अस्तव्यस्त हो
गया। हालांकि रविवार की छुट्टी होने के कारण ज्यादातर लोगों ने घर में ही समय गुजारा। पूरे दिन रिमझिम बरसात होने से कच्ची सड़कें जहां कीचड़ से सन गईं वहीं तमाम निचले इलाकों में फिसलन हो गई। इससे यात्रियों को मुश्किलों
का सामना करना पड़ा। उधर बारिश के साथ हवाओं ने किसानों की धुकधुकी बढ़ा दी। आशंका सताने लगी कि कहीं बची-खुची फसल भी गिरकर चौपट न हो जाए। लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी गेहूं की फसल गिरी तो फिर
संभलना मुश्किल हो जाएगा। कृषि विभाग पिछली बारिश में पहले ही 10 से 15 फीसदी तक उत्पादन गिरने का अनुमान लगा चुका है। रिमझिम बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर पूरे दिन चलता रहा। सदरुद्दीनपुर के किसान गिल्लू
मौर्या ने कहा कि जिन किसानों की टमाटर की फसल का फल जमीन पर होगा, उसके खराब होने का खतरा इस बारिश में बढ़ गया है। बक्शा के किसान लालजी यादव ने कहा कि बारिश से दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान होगा।