लाइन बाजार थाने की पुलिस ने रिटायर्ड जिला युवा कल्याण अधिकारी रामकृपाल की हत्या के मामले में तीन दिन बाद तीन आरोपियों को कलीचाबाद तिराहे से गिरफ्तार किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भारी वस्तु से सिर प्रहार करने से हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की है। पूछताछ में आरोपी महिला लक्ष्मी ने बताया कि उसके पति पैर से दिव्यांग है।
घर का खर्च चलाने के लिए वह जौनपुर शहर आ गई। उसी दौरान उसका परिचय रामकृपाल यादव से हुआ। उनसे रामकृपाल से कुछ रुपये ले लिए। 31 मई को रामकृपाल उसके घर रुपये मांगने गए। उसी दौरान दोनों में विवाद हो गया।
इस दौरान रामकृपाल अचानक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। उसके बच्चे सुनील व सोनू भी मौजूद थे। वह अपने बेटे सोनू के साथ् रात में स्कूटी पर रामकृपाल यादव के शव वाजिदपुर तिराहे के पास ले जाकर नाले के किनारे फेंक दिया। जब पता चला कि रामकृपाल के बेटे ने मुकदमा लिखा दिया तो वह छिप गई।
इस बाबत सीओ सिटी देवेश कुमार सिंह ने बताया कि हत्या के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय भेज दिया गया। हत्या के अन्य कारणों व पहलुओं की जांच की जा रही है।
खुटहन थाना क्षेत्र के गभिरन (मैरवा) निवासी अवनीश कुमार यादव ने तहरीर में बताया है कि उसके पिता रामकृपाल बीते 31 मई को उधारी का पैसा मांगने के लिए वाजिदपुर तिराहे पर लक्ष्मी मौर्या व उनके पुत्रों सोनू मौर्या व सुनील मौर्या के घर गए थे। इसके बाद उनका शव 1 जून को वाजिदपुर तिराहे के पास नाले में मिला था।