बनने के छह माह के भीतर ही उखड़ने वाली सड़कों के मरम्मत का कार्य शासन के निर्देश पर मंगलवार को शुरू हो गया।
पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाई गई क्षेत्र की सात सड़कें बनने के बाद से ही उखड़ना शुरु हो गई थीं। सड़क के गुणवत्ता की जांच कराने के लिए विधायक रमेशचंद्र मिश्र ने दिसंबर में डीएम को पत्र लिखा था।
विधायक रमेश मिश्र ने बताया कि क्षेत्र के नाहरपुर संपर्क मार्ग, बेसार संपर्क मार्ग, भटौली से पड़री संपर्क मार्ग, मिरशादपुर सरोज बस्ती, मुखलिसपुर से सराय त्रिलोकी नहर की पटरी, नेवादा मुखलिसपुर मार्ग, पट्टी दयाल संपर्क मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने कराया था। जहां ठेकेदार ने मानक के अनुरूप कार्य नहीं कराया। इसके चलते सड़क बनने के बाद से ही उखड़ना शुरु हो गई। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग किया था। विधायक ने बताया कि इस मामले में डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर रिपोर्ट मांगा था। जांच टीम ने पांच महीने बाद सड़कों की जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपा। इसमें बेसार संपर्क मार्ग के सील कोट का काम अधूरा है, जगह-जगह गड्ढे पाए गए है। भटौली पड़री संपर्क मार्ग के विशेष मरम्मत के काम में जहां पटरी क्षतिग्रस्त हो चुकी है, कार्य असंतोष जनक है। इसके अलावा मुखलिसपुर से नहर की पटरी पर घाटमपुर से सरायत्रिलोकी मार्ग पर जगह-जगह पैच व होल है। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को कार्रवाई के लिए भेज दिया था। लोक निर्माण विभाग के निर्देश पर जांच में मानक विहीन पाई गई सड़कों का मरम्मत कार्य फिर से शुरू हुआ है।