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अप्रैल तक चालू हो जाएगा रेलवे ओवरब्रिज

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सिटी रेलवे स्टेशन के ओवर ब्रिज का चल रहा निर्माण कार्य। संवाद - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। शहर के मिर्जापुर रोड पर सिटी रेलवे स्टेशन के पास ओवरब्रिज का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। लंबी जद्दोजह और कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद अब ओवरब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है। लगभग सभी बाधाएं दूर हो चुकी हैं। निर्माण कार्य जोर-शोर से शुरू है। अधिकतम अप्रैल तक इसे शुरू करने की तैयारी है।
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शहर में जाम की समस्या के समाधान के लिए जफराबाद-सुल्तानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर सिटी रेलवे स्टेशन के समीप क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने को मंजूरी मिली थी। वर्ष 2014 में स्वीकृत परियोजना पर 49.87 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। काम शुरू होने के बाद अचानक एक नर्सिंग होम तक पहुंच मार्ग के विवाद के कारण मामला कोर्ट में चला गया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने निर्माण जारी रखने का आदेश दिया। इस बीच ओवरब्रिज का एक हिस्सा ध्वस्त होने पर हंगामा हुआ। जैसे-तैसे सारे विवाद निपटाने के बाद काम में तेजी आई तो फिर वन विभाग ने ओवरब्रिज के दूसरी तरफ मौजूद पेड़ों की कटाई को लेकर आपत्ति लगा दी। इस बीच लॉक डाउन से काम ठप हो गय। उच्चाधिकारियों के माध्यम से महीनों तक पत्राचार के बाद काम आरंभ हुआ तो बिजली विभाग ने पोल-तार को शिफ्ट करने में सुस्ती दिखाई। बार-बार आ रही अड़चनों के चलते ओवरब्रिज के निर्माण पर भी असर पड़ा है। जिस पुल को वर्ष 2019 में शुरू होना था, डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी निर्माणाधीन है। बहरहाल, अब निर्माण में गति आई है। जिला प्रशासन के सख्त रुख अपनाने पर कार्यदाई संस्था मजदूर बढ़ाकर द्रुतगति से काम करा रहा है। ओवरब्रिज के एक तरफ संपर्क मार्ग का निर्माण पहले ही हो चुका है। अब दूसरी तरफ भी सड़क को ओवरब्रिज से जोड़ने का काम तेज है। साथ ही साथ रेलिंग का काम भी चल रहा है। काम पूरा करने की डेडलाइन मार्च तक ही तय की गई थी, लेकिन अब इसे अप्रैल तक हर हाल में पूरा होने के दावे किए जा रहे हैं।
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संसद में भी उठ चुका है मामला
सिटी रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज का मामला सदन में भी उठ चुका है। शहर के जाम का जिक्र करते हुए सदर सांसद श्याम सिंह यादव ने गत वर्ष लोकसभा में सवाल उठाते हुए कार्यदाई संस्था की सुस्ती पर नाराजगी जताई थी। सरकार ने आश्वस्त किया था कि ओवरब्रिज निर्माण की बाधाएं दूर हो गई हैं। लिहाजा अब इसमें देरी नहीं होगी।
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17 करोड़ से अधिक बढ़ चुकी है लागत
वर्ष 2014 में परियोजना की स्वीकृति के वक्त लागत 49.83 करोड़ रुपये रखी गई थी। बार-बार आ रहे व्यवधानों से लंबे समय तक काम बाधित रहा। इसके चलते निर्माण की लागत में भी इजाफा हुआ है। पुनरीक्षित लागत अब 67.22 करोड़ तक हो चुकी है।
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जाम से मिलेगी राहत, व्यवसाय सुधरेगा
ओवरब्रिज चालू होने पर शहर को जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है। अभी मिर्जापुर जाने वाले वाहनों को टीडी कॉलेज के सामने से ही मड़ियाहूं की तरफ मोड़ दिया जाता है। वह रामदयालगंज होते हुए आगे जाते हैं। इससे उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। आगे सई नदी पर सकरा पुल होने से जाम लग जाता है। अब छोटे वाहन ओवरब्रिज से गुजर सकेंगे। इससे उस क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होगा। इसके अलावा पॉलीटेक्निक चौराहा से सिटी स्टेशन की तरफ दुकान करने वालों के व्यवसाय में फिर से रौनक लौटेगी। यह दुकानदार पिछले छह वर्षों से बस धूल-मिट्टी फांक रहे हैं। आवागमन बंद होने से ग्राहक भी उधर नहीं जाना चाहते।
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रास्ते से बिजली का पोल हटाने में बिजली विभाग ने 15 दिन का अतिरिक्त समय ले लिया। अब पोल हट गए हैं। आरओबी के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं रह गई है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रेलिंग निर्माण का भी काम शुरू करा दिया गया है। कोशिश मार्च तक पूरा करने की है। कोई कसर रही तो इसे अप्रैल तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। -जेपी गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निगम।

सिटी रेलवे स्टेशन के ओवर ब्रिज का चल रहा निर्माण कार्य। संवाद- फोटो : JAUNPUR

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