जिले के धर्मापुर विकास खंड स्थित राजेपुर गांव में एक रेलवे क्राॅसिंग है, जिसके खुलने का इंतजार ग्रामीण बीते एक साल से कर रहे हैं। क्राॅसिंग बंद होने से जो दूरी पांच मिनट की थी, उसे पूरा करने में ढाई किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। क्रॉसिंग बंद होने से आसपास की करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित है।
जौनपुर-औड़िहार रेलवे प्रखंड स्थित राजेपुर गांव के रेलवे फाटक को रेलवे विभाग द्वारा बिना किसी सूचना के अचानक बंद कर दिया गया। यह क्रासिंग आजमगढ़-केराकत को जोड़ने वाले मार्ग पर है। रेलवे फाटक बंद होने से विथार, कबीरुद्दीनपुर, तरसंड सहित कई गांवों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को ढाई किलोमीटर दूर होकर प्रसाद तिराहे की तरफ से होकर धर्मापुर बाजार और ब्लॉक में आना पड़ता है। इस वजह से लोगों को काफी दिक्कत होती है। उस समय ग्रामीणों ने रेलवे फाटक बंद होने पर विरोध भी जताया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक यदि यह रेलवे फाटक खुल जाता तो जौनपुर-आजमगढ़ हाईवे से धर्मापुर बाजार तक और ब्लॉक में आने में कम दूरी तय करनी पड़ती।
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दिनभर गुजरते हैं 1500 से 2000 वाहन
राजेपुर गांव से केराकत और आजमगढ़ की ओर जाने के लिए रोजाना 1500 से 2000 वाहन गुजरते हैं। पहले क्रॉसिंग खुली थी तो आवागमन आसान था। एक साल से रेलवे ने इसे बंद कर दिया गया है। इससे लोगों को अधिक परेशानी हो रही है।
राजेपुर होकर केराकत-आजमगढ़ मार्ग को जाने वाला यह रास्ता कई दिनों से खराब है। इसे बनवाने को लेकर कई बार क्षेत्रीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।