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पूर्वांचल विश्वविद्यालय: राज्यपाल की नाराजगी के बाद हटाए गए चीफ प्रॉक्टर, कैंपस में नशीले पदार्थों पर रोक

Fri, 10 Oct 2025 11:53 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

Jaunpur Latest News: राज्यपाल राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की नाराजगी के बाद पूर्वांचल विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर हटाए गए। वहीं परिसर में पान, गुटखा समेत नशीले पदार्थों पर रोक लगाई गई है। 
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा परिसर में व्याप्त अव्यवस्था पर सवाल उठाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है। बृहस्पतिवार को चीफ प्रॉक्टर डॉ. राजकुमार सोनी को पद से हटा दिया गया। वहीं परिसर में अब पान, गुटखा, तंबाकू, बीड़ी सहित सभी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में पत्र भी जारी किया गया है।
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पूविवि के दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मंच से ही विदेशी शराब की बोतल मिलने की घटना पर सवाल उठाया था। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की छवि पर दाग बताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी के बाद से प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल और जांच की प्रक्रिया जारी है।

इस बीच बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने चीफ प्रॉक्टर डॉ. राजकुमार सोनी के स्थान पर व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के प्रो. अजय प्रताप सिंह को नया चीफ प्रॉक्टर बनाया है। इसके साथ ही प्रो. रजनीश भास्कर (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) और प्रो. प्रदीप कुमार (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) को एडिशनल चीफ प्रॉक्टर के रूप में तैनात किया है।
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उधर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने पत्र जारी कर कहा है कि विश्वविद्यालय में गुटखा, पान, बीड़ी, तम्बाकू आदि धूम्रपान का प्रयोग करते हुए मिलने पर संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा नियंत्रक ने सभी अनुभागों के प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभागों में सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही सभी आलमारियों और फाइलों को सुव्यवस्थित रखने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने कार्यालय में वातावरण स्वच्छ, अनुशासित और कार्य के अनुकूल बनाए रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
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उधर, कुलपति ने एक दिन पहले वार्डन और चीफ वार्डन को बदल दिया था। साथ ही जांच समिति भी गठित की थी। तीन सदस्यीय जांच समिति में चीफ प्रॉक्टर डॉ. राजकुमार सोनी भी सदस्य थे। जिन्हें अब पद से हटा दिया गया है। वहीं, दीक्षांत समारोह के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर इलेक्ट्रिशियन धीरज श्रीवास्तव को हटा दिया था। उधर, छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए जांच समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है।

छात्र नेताओं ने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है। छात्रों के मुताबिक जांच समिति में उन्हीं लोगों को शामिल किया गया है, जिन पर पहले से ही वार्डन रहने के दौरान गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। छात्र नेता मंगलम त्यागी, अभिषेक दुबे और दिव्यांशु सिंह ने कहा है कि यदि दागी प्रोफेसर ही अपने खिलाफ जांच करेंगे तो निष्पक्ष रिपोर्ट आने की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

छात्रों का आरोप है कि ट्रांजिट हॉस्टल में विदेशी शराब मिलने के अलावा सफाई, भोजन और छात्रों से अभद्र व्यवहार आदि मामलों की शिकायतें पहले भी की गई थीं। उस समय भी कुछ वार्डन पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब उन्हीं लोगों को फिर से जिम्मेदारी दी जा रही है। इससे विश्वविद्यालय प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि ऐसे लोगों को जांच से दूर रखकर स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह का कहना है कि चीफ प्रॉक्टर डॉ. राजकुमार सोनी को उनके पद से हटा दिया गया है। छात्रों ने जो आरोप लगाया है उस पर भी विचार किया जाएगा।
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