करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को शोध कार्यों की राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ा झटका लगा है। वर्ष 2019 में शोधगंगा पोर्टल पर थीसिस अपलोड करने के मामले में देश भर में छठवें स्थान पर था। मई 2025 में दसवें पायदान पर खिसक गया। नई सूची में टॉप-10 से बाहर हो गया है।
नई सूची हाल ही में जारी की गई है। इस बार टॉप-10 सूची में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए पूर्वांचल विश्वविद्यालय को पछाड़ दिया है। शोधगंगा पोर्टल पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय की ओर से अब तक लगभग 9500 थीसिस अपलोड की गई हैं। यूजीसी के निर्देश पर देश के सभी केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों को पीएचडी उपाधि प्रदान करने से पहले शोधार्थियों की थीसिस शोधगंगा पर अपलोड करना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया न सिर्फ पीएचडी अवॉर्ड करने का हिस्सा है, बल्कि साहित्यिक चोरी को रोकने का एक महत्वपूर्ण उपाय भी माना जाता है। इसके बावजूद पूर्वांचल विश्वविद्यालय की धीमी अपलोड प्रक्रिया अब उसकी रैंकिंग गिरने का बड़ा कारण बन गई है। शोधगंगा पोर्टल पर थीसिस अपलोड होने से दूर-दराज के शोधार्थियों को देश भर में किए जा रहे शोध कार्यों की जानकारी आसानी से मिलती है। साथ ही किसी भी शोध के दोहराव और चोरी पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।