उमनाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में टूटी पाइप लाइन की मरम्मत करते श्रमिक। संवाद
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जौनपुर। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में छह महीने से पेयजल का संकट बना है। छह महीने में सात बार सबमर्सिबल पंप बदला जा चुका है। फिर भी समस्या दूर नहीं हुई। रविवार को पाइप की आपूर्ति का मेन पाइप फटने के बाद ओपीडी, वार्ड, छात्रावास और आवासीय परिसर में जलापूर्ति ठप हो गई। अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों, तीमारदारों के साथ डॉक्टर, छात्र, नर्सिंग ऑफिसर और कर्मचारियों को पानी के लिए भटकना पड़ा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार परिसर के हॉस्टल में करीब 600 छात्र-छात्राएं, 70 डॉक्टर, 100 नर्सिंग ऑफिसर और कर्मचारी रहते हैं। ओपीडी में रोजाना करीब 3,000 से 3,500 मरीज आते हैं। प्राचार्य प्रो. आरबी कमल ने बताया कि पाइपलाइन ठीक करने के लिए प्रयागराज की टीम करीब एक महीने से मेडिकल कॉलेज में काम कर रही है। अभी तक टीम को सफलता नहीं मिली। इस बीच रविवार की सुबह पाइपलाइन फट गई। इससे जलापूर्ति ठप हो गई।
ये है समस्या
प्रयागराज से आई टीम के एक अधिकारी ने बताया कि पाइप की गुणवत्ता ठीक नहीं होने का अनुमान लगाया है। कारण कि पानी का दबाव पड़ते ही पाइप फट जा रही है। इस कारण आए दिन ये समस्या हो रही है।
कॉलेज परिसर में रविवार को पाइपलाइन फटने से पानी की आपूर्ति बंद हो गई। इस कारण ओपीडी, हॉस्टल और आवास तक में पानी की किल्लत है। बीते एक महीने से प्रयागराज से आई टीम परिसर की पाइपलाइन ठीक करने के लिए काम कर रही है। - प्रो. आरबी कमल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज