जौनपुर। जिला कारागार में शनिवार को एक बंदी की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसे आनन- फानन में जिला चिकित्सालय ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जेल अधीक्षक के मुताबिक बंदी कई दिनों से बीमार था। उसका उपचार जिला कारागार के अस्पताल में चल रहा था। जेल अधीक्षक डॉ. विनय द्विवेदी ने बताया कि मछलीशहर के शादीगंज मोहल्ला निवासी कुलदीप (56) बीते 13 अप्रैल को जमीन के विवाद के मामले में कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था। वहां उसकी तबीयत ठीक नहीं रहती थी। उसका वजन 39 किलो था। वह हाइपरटेंशन, पेट दर्द, कब्ज, स्लिप डिस्क की बीमारी से ग्रसित था। इससे उसे खाने और सोने में समस्या थी। दो दिन पहले उसकी पत्नी उससे मिलने जेल पहुंची थी। उसकी बीमारी को देखते हुए बीते शनिवार को ही पुलिस सुरक्षा मांगी गई थी ताकि जिला अस्पताल में उसे दिखाया जा सके। शुक्रवार की रात 2:30 बजे रात में उसे घबराहट हुई थी, जहां से फार्मासिस्ट उसको उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक ने बताया कि उसके शव को मोर्चरी हाउस में रखवा दिया गया है। सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। परिजनों के आने पर शव उनको दे दिया जाएगा।
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने जिला कारागार का किया निरीक्षण-जौनपुर। जिला कारागार में शनिवार को बंदी की मौत के बाद डीएम डा. दिनेश चंद्र और पुलिस अधीक्षक डा. कौस्तुभ ने जेल का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने बताया कि मृतक बंदी पहले से बीमार का। बेहद कमजोर भी था। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हुई है। उनका नियामानुसार पोस्टमार्टम करा दिया गया है।डीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बैरकों की सघन तलाशी ली गयी। इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। जेल अस्पताल में बंदियों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी प्राप्त की गयी और मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि नियमित रूप से बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की जाए। इस दौरान बंदियों से संवाद करते हुए भोजन, स्वास्थ्य सहित अन्य जानकारी प्राप्त की गयी। इस मौके पर सीडीओ ध्रुव खाड़िया, जेल अधीक्षक, जेलर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।