कैदी की पिटाई के बाद भड़के बवाल के चलते जिला जेल साढ़े पांच घंटे तक कैदियों के कब्जे में रही। उपद्रव की खबर मिलते ही एसपी समेत पुलिस लाइन से फोर्स अंदर जरूर पहुंच गई पर जेल में पूरी तरह बंदियों का ही कब्जा रहा।
पुलिस और पीएसी फोर्स सशस्त्र होते हुए भी बेबस दिखी।
पुलिस की तरफ से बंदियों को काबू में लाने के हवा में गोलियां गोलियां दागी गईं लेकिन बंदियों के आक्रोश के आगे पुलिस फोर्स कुछ न कर सकी। देर रात करीब 11 बजे तक बंदियों की ओर से रुक-रुककर पथराव होता रहा और जवाब में पुलिस की ओर से हवा में फायरिंग की जाती रही। बंदियों को काबू में करने के लिए पुलिस की ओर से छोड़े गए आंसू गैस के गोलों के चलते कचहरी रोड से गुजरने वाले राहगीरों को भी परेशानी हुई।
उधर, बंदी रक्षकों की पिटाई से हुई बंदी श्याम कुमार यादव की मौत के बाद उसके परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया है। जिला अस्पताल पहुंचे श्याम कुमार के परिवार वालों ने कहा कि उसकी हत्या की गई है। वे आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।
उसके भाई समुंदर यादव ने बताया कि अभी 27 जून को उनका छोटा भाई रवींद्र यादव और उनकी मां जेल में श्याम कुमार से मिलकर आए थे। परिवार वाले श्याम का शव भी मांग कर रहे थे जिसे अस्पताल के मर्चरी हाउस में रखा गया था।