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प्रधानमंत्री ने की बात, दिया प्रोत्साहन

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रोहित यादव के पिता सभाजीत व भाई राहुल,रोहन अमर उजाला में छन्रपी रोहित यादव की खबर को पढते हुए। संव? - फोटो : JAUNPUR
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मीरगंज। युवा जेवलिंग थ्रोअर रोहित यादव से विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रविवार को गोल्ड की उम्मीद बढ़ी है। मछलीशहर ब्लाक के अदारी डभिया निवासी रोहित यादव ने अमेरिका में चल रही चैंपियनशिप के भाला फेंक स्पर्धा में नीरज चोपड़ा के साथ फाइनल में जगह बना ली। इससे परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। रोहित के पिता सभाजीत ने बताया कि प्रधानमंत्री ने रोहित को बधाई और शुभकामना दी है। इससे उसे ऊर्जा मिली है और वह बेहतर प्रदर्शन करेगा।
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रोहित के घर तक जाने के लिए रास्ता नहीं
रोहित यादव के कच्चे मकान तक जाने के लिए रास्ता नहीं है। इसके कारण पगडंडियों से होकर परिवार को जाना पड़ता है। पिता सभाजीत यादव ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रयास किया, लेकिन घर तक रास्ता नहीं बन पाया। ऐसे में सिर्फ पगडंडियों से पैदल या साइकिल से आया-जाया जा सकता है। सभाजीत का कहना है कि रोहित के पदक जीतने से उनके घर तक रास्ता बन जाने की उम्मीद है।
पिता बोले- खेती किसानी करके बेटों को खिलाड़ी बनाया
रोहित यादव के पिता ने बताया कि वह खुद मैराथन प्रतियोगिता में भाग लेते चले आ रहे हैं। बताया कि जब वह अपने बच्चों को प्रशिक्षण देते थे, तब अगल-बगल के लोग कोसते थे। वे कहते थे कि पढ़ा लिखा कर कमाई करने के लिए भेजो, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की और अपने लड़कों को तैयार किया। खेल की बदौलत रोहित को रेलवे में नौकरी मिली है। अब अगल-बगल के लड़के भी उनके घर ट्रेनिंग लेने आते हैं। उनका कहना है कि खेल के लिए मेहनत और लगन जरूरी है। सभाजीत के अनुसार, उन्होंने खेती किसानी करके लड़कों को खिलाड़ी बनाया है। तीनों लड़के भाला फेंक में निपुण हैं। रोहित और रोहन अंतरराष्ट्रीय और राहुल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता खेल चुका है। कहा कि मीडिया ने हमेशा मनोबल बढ़ाया है। अमर उजाला 2016 से ही रोहित के विश्व स्कूल गेम चैंपियन बनने से लेकर आज तक हर खबर प्रमुखता से छापता रहा है।
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