सफाई नहीं होने से नगर पालिका क्षेत्र में जाम नाला।
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मानसून सिर पर है लेकिन शहर में जलभराव की समस्या से निपटने की कोई तैयारी नहीं है। नाली से लेकर नालों तक की सफाई नहीं की गई है। शहर के सभी नाले पहले से जाम हैं। बारिश हुई तो शहर के निचले इलाके वाले मोहल्लों में पानी भर जाएगा। नालों की सफाई न होने के चलते अभी मंगलवार को हुई हल्की बारिश में ही शहर के कई मोहल्लों में लोगों के घरों में पानी भर गया था।
नगर के फिरोसेपुर, अलमगंज से लेकर घग्घा चौराहे और आस पास के कई मोहल्लों का पानी तूतीपुर नाले से होकर गोमती नदी में जाता है। तूतीपुर नाले की तलहटी तक की सफाई करीब आठ साल पहले हुई थी। बाद में सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई है। यही वजह है कि नाला जाम है। अभी मंगलवार को हुई हल्की बारिश में ही नगर के मीरमस्त, घग्घा चौराहा और आस पास के मोहल्लों के कई घरों में पानी भर गया था। अगर नालों की सफाई बारिश से पहले नहीं हुई तो इन इलाके के लोग फिर परेशान होंगे।आलमगंज से बड़ी मस्जिद रोड, खानकाह रशीदिया तक की सड़क, शाहगंज पड़ाव, मोहल्ला मीरमस्त, घग्घा चौराहा, नवाब यूसूफ रोड, तूतीपुर, ताड़तला, नूर खां कुआं, खासनपुर जलभराव के इलाके हैं। शहर में कुल 11 प्रमुख नाले हैं।
अभी इसी वर्ष जनवरी और फरवरी के बीच सुक्खीपुर से नवाब युसूफ रोड तक सड़क की खुदाई कर अंडरग्राउंड नाला तैयार कर उसे भी घग्घा चौराहे के पास तूतीपुर वाले नाले में मिला दिया गया है। बारिश में इस नाले में पानी का दबाव और भी बढ़ जाएगा। नगर को पालिटेक्निक चौराहे से लेकर ओलंदगंज तक नाली निर्माण के लिए जगह जगह खोद कर छोड़ दिया गया है। जिसके चलते भी बरसात में जलभराव से इलाका अछूता नहीं रहेगा।