जौनपुर। आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आयोग्य योजना का लाभ हर माह तकरीबन तीन हजार
गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। इसके पीछे चाहे जो भी कारण हो, लेकिन इससे सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। जिले में हर माह तकरीबन आठ हजार महिलाएं डिलेवरी कराने प्राइवेट एवं सरकारी अस्पतालों में आती है। जिसमें तकरीबन तीन हजार का आपरेशन होता है। सितंबर 2018 से इस योजना की शुरूआत हुई है। आकंड़ों पर गौर करें तो इसके बाद जिले में तकरीबन साठ हजार महिलाओं का प्रसव हुआ है। इसमें बीस हजार महिलाओं को आपरेशन से बच्चा पैदा हुआ है। नियम है कि ऐसी महिलाओं को आयुष्मान का लाभ मिलना चाहिए। लेकिन अभी तक तकरीबन 18 महिलाओें को ही इस योजना का लाभ मिल सका है।
आयुष्मान योजना की शुरूआत सितंबर 2018 से जिले में हुई है। इसके तहत एक लाख 86 हजार लोगों को चयनित किया गया है। वैसे इसमें अभी तक एक लाख 37 हजार 764 का ही पत्र आया है। बारह सरकारी एवं पांच प्राइवेट अस्पतालों इसके तहत इलाज के लिए चयनित किये गये है। नियमों के फेर में उलझने के कारण गर्भवती महिलाओं को आयुष्मान योजना के तहत आपरेशन के हालात में भी लाभ नहीं मिल रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि अगर आयुष्मान कार्ड के मुखिया के पुत्र की शादी 2011 के बाद हुई है तो उसका मैरिज सर्टिफिकेट मांगा जाता है। मैरिज सर्टिफिकेट के अभाव में ऐसे लोग इससे वंचित हो जाते है। ऐसे लोगों को आयुष्मान के तहत डिलेवरी करने से मना कर दिया जाता है। योजना शुरू होने से लेकर 15 अगस्त तक प्राइवेट में चार एवं सरकारी में चौदह लोगों को ही इसका लाभ अभी तक मिल सका है।
नियमों से अनभिज्ञ है आयुष्मान मित्र
जौनपुर। नियमों के फेर में यह योजना ऐसे ही नहीं फंसी है। महिला अस्पताल में जो आयुष्मान मित्र रखें गए है। वह भी इसके बारे में मरीजों को ठीक तरह से समझा नहीं पाते है। सामान्य डिलेवरी में इस योजना का लाभ नहीं मिलता है। जबकि आपरेशन होने पर नौ हजार रूपये देने का नियम है।
आयुष्मान योजना के तहत उन्हीं महिलाओं को शामिल किया गया है। जिनका नाम वर्ष 2011 की आर्थिक जनगणना के बाद जिनकी शादी हुई है। ऐसे लोगों से मैरिज सर्टिफिकेट बीआईएस करने के लिए मांगा जाता है तो वह मुहैया नहीं करा पाते ऐसे में लाभ से वंचित हो जाते है। जिले में योजना की शुरूआत होने के बाद से चौदह सरकारी एवं चार प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान के तहत डिलेवरी हुई है।
डा. ब्रदी विशाल पांडेय
जिला कार्यक्रम प्रबंधक