जौनपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) गर्भवती को प्रसव पूर्व जांच, पोषण परामर्श, परिवार नियोजन सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए, विशेष रूप से महिला चिकित्साधिकारी की नियुक्ति की गई है। 10 जनवरी को जिला महिला चिकित्सालय तथा सभी सीएचसी पर लैब टेक्नीशियन के माध्यम से हीमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस, खून की जांच, टायफाइड और हेपेटाइटिस सहित अन्य जांचें की जाएंगी। स्टाफ नर्स एवं परिवार कल्याण परामर्शदाता पोषण तथा परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों के बारे में जानकारी देंगे।
अभियान का उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भवती (एचआरपी) को चिह्नित कर सही समय पर उपचार किया जाना है, जिससे जनपद की मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। नोडल अधिकारी और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डा. सत्य नारायण हरिश्चंद्र ने बताया कि इस दिवस के दौरान जनपद में वर्ष 2021 के अप्रैल से दिसंबर तक प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के तहत 22,596 गर्भवती को प्रसव पूर्व सेवाएं दी गई हैं। इसमें से 1512 उच्च जोखिम वाली गर्भवती को विभिन्न श्रेणियों में चिह्नित किया गया है। उच्च जोखिम वाली गर्भवती के प्रसव के लिए आशा कार्यकर्ता को निर्देशित किया जा चुका है। जनपद स्तरीय मानीटरिंग टीम बनाई गई है। इसमें संयुक्त राष्ट्र बाल आपात कोष (यूनीसेफ), उप्र टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) तथा एसीएमओ स्तर के अधिकारियों को नामित किया गया है।