सुईथाकला। सरपतहा थाने की पुलिस ने प्रद्युम्न उपाध्याय की हत्या का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रद्युम्न की हत्या उसके दो साथियों ने ही मिलकर की थी। घटना में शामिल दूसरा आरोपी अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक आशनाई के चक्कर में साथियों ने ही मिलकर प्रद्युम्न की हत्या कर दी।
सरपतहा थाना क्षेत्र के खरतापपुर गांव निवासी प्रद्युम्न उपाध्याय का शव 16 जनवरी की शाम खुटहन थाना क्षेत्र के टिसौली गांव के पास नहर में मिला था। प्रद्यम्न एक शराब की दूकान पर फायरिंग और लूट का भी आरोपी था। वह सात जनवरी की शाम से ही घर से लापता था। दस दिन बाद उसका शव नहर में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ कि गला रेतकर उसकी हत्या की गई है। सर्विलांस जैसे तक्नीकी माध्यमों से पुलिस को पता चला कि जिस दिन प्रद्युम्न घर से लापता हुआ था उसी दिन उसके मोबाइल फोन पर एक ही नंबर से 14 बार फोन आया था। पुलिस ने फोन करने वाले शिवा यादव उर्फ परमेश निवासी धिरौली नानकार थाना खुटहन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो घटना का खुलासा हुआ। सीओ शाहगंज जितेंद्र दुबे ने बताया कि पूछताछ में शिवा ने बताया कि वह और उसका साथी संजय पाल निवासी नेवादा थाना सरायख्वाजा और प्रद्युम्न तीनों आपस में दोस्त थे। एक ही युवती से तीनों के संबंध थे। प्रद्युम्न की तरफ युवती का आकर्षण बढने लगा था। जिससे शिवा और संजय ने मिलकर प्रद्युम्न को रास्ते से हटाने का निर्णय किया। सात जनवरी को शिवा ने फोन से उसे गांव के बाहर बुलवाया। दोनों उसे शाम तक टहलाते रहे। अंधेरा होने पर युवती से मिलने के बहाने उसे लेकर सरपतहा थाना क्षेत्र के बनहरा गांव के पास नहर पर गए जहां शिवा और संजय ने मिलकर प्रद्युम्न का गला रेतकर हत्या कर दी और शव नहर में फेंक दिया था।