बदलापुर तहसील में कम्प्यूटरीकृत खतौनी से राजस्व को होने वाली आमदनी से 6.76 लाख 695 रुपये घोटाले का मामला सामने आया है। तहसील की आडिट में इस मामले का खुलासा होने पर कमिश्नर के निर्देश पर डीएम ने जांच बैठा दी है। जांच शुरू होते ही तहसील में हड़कंप मच गया है। आडिट में पता चला कि वर्ष 2014-15 में खतौनी से 10 लाख 15 हजार रुपये वसूल किए गए लेकिन राजस्व खाते में सिर्फ 3 लाख 39 हजार 75 रुपए ही जमा किए गए। बाकी धनराशि का कोई हिसाब नहीं है। बैंक में रुपया जमा करने की फर्जी जमा पर्ची रजिस्टर में चस्पा की गई है।
बदलापुर तहसील से कम्प्यूटरीकृत खतौनी के लिए काश्तकार से 15 रुपये प्रति खतौनी की दर से लिया जाता है। यह रकम एसबीआई की स्थानीय शाखा में एसडीएम के खाते में जमा की जाती है। इसका लेखा जोखा तहसील के रजिस्टर संख्या 09 में दर्ज किया जाता है। पिछले दिनों लेखा परीक्षण के लिए आई टीम ने खतौनी से होने वाली आमदनी का हिसाब से बैंक खाते का मिलान किया तो भारी अंतर मिला। रजिस्टर में अलग अलग तिथि में कुल 10 लाख 15 हजार 770 रुपये बैंक में जमा करने की पर्ची चस्पा की गई थी जबकि बैंक खाते में महज 03 लाख 39 हजार 75 रुपये ही जमा किए गए थे। बाकी रकम की फर्जी जमा पर्ची रजिस्टर में चस्पा कर दी गई थी। आडिट टीम की रिपोर्ट मंडलायुक्त वाराणसी के निर्देश पर डीएम ने एडीएम (वित्त) और डीआईओएस के लेखाधिकारी को जांच सौंप दी।