सुजानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नौ वर्षीय बालिका से दुराचार के आरोपी जितेंद्र कुमार निवासी देवापुर निकला, जो बरात में वीडियो रिकार्डिंग कर रहा था। जिसे पुलिस ने मंगलवार को ही गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, आरोपी की निशानदेही पर साक्ष्य जुटाने के लिए निकली तो वह पुलिस पर गोली चला दिया। हालांकि इस मुठभेड़ में पुलिस की गोली पैर में लगने से वह जख्मी हो गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके कब्जे से तमंचा और कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस का दावा है कि पीड़िता के सहपाठी बच्चों से आरोपी का आमना-सामना कराया गया तो बच्चों ने आरोपी को पहचान लिया।
एक दिन पहले गांव में चनेथू, सराय ममरेज, प्रयागराज से बरात आई थी। रात करीब साढ़े दस बजे बरात में शामिल एक युवक पड़ोसी के घर गया। आरोप है कि उसने पूछा कि आस पास कोई दुकान है क्या। जिसके बाद नौ वर्षीय बालिका ने कहा कि बगल में ही दुकान है, चलिए मैं दिखाती हूं। युवक ने दुकान से गुटखा, सिगरेट खरीदा और बालिका को भी नमकीन बिस्किट दिलाया। लौटते समय सुनसान जगह देखकर युवक ने बालिका से दुराचार किया। बालिका की हालत बिगड़ती देख युवक मौके से भाग गया। जब परिजनों को जानकारी हुई तो युवक की खोजबीन शुरू हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने 24 से अधिक बराती और रिश्तेदार उठा लाई। रात में पीड़िता के पिता ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दिया। बालिका को पहले सामुदायिक स्वस्थ केंद्र सुजानगंज लाया गया। जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बालिका का इलाज जिला चिकित्सालय कराया जा रहा है। जहां दूसरे दिन भी उसका इलाज जारी है। एएसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वीडियोग्राफी और बरात में शामिल लोगों से पूछताछ किया गया, जिसके बाद सुजानगंज थाना क्षेत्र के देवापुर गांव निवासी जितेन्द्र कुमार पुत्र रामदास निवासी देवापुर को भी पूछताछ के लिए मंगलवार को थाने लगाया गया। जहां पूछताछ के क्रम में जब पीड़िता के सहपाठी बच्चों से आमना सामना कराया गया तो बच्चों ने अभियुक्त को पहचान लिया और बताया कि यही पीड़िता को बार बार अपने पास बुला रहा था व कान में कुछ बोल रहा था। इस बातचीत के बोद अभियुक्त द्वारा अपने जुर्म को कबूल लिया और बताया कि गलती हो गईं और मैंने घटना के बाद अपने पहने हुए कपड़ों को सरोज विद्याशंकर डिग्री कालेज बहद ग्राम फरीदाबाद के सामने सुनसान व सरपत लगे हुए जगह में झोला में रख कर छुपाकर रखा है। क्योंकि उसमें दाग लग गया था। इस जानकारी पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त को बताए स्थान पर ले जाया गया। जहां अपने कपड़ों का झोला खोजने के लिए जैसे ही सरपत के पास गया तो वहां उसके द्वारा झोले में छुपाकर रखे गये तमन्चे को उसने हाथ में लेकर पुलिस की तरफ फायर कर दिया। पुन: अभियुक्त द्वारा तमंचा लोड कर फायर का प्रयास किया गया तो पुलिस टीम ने गोली चलाई, जो उसके पैर में लगी। इसके बाद पुलिस टीम उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुजानगंज ले गई। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इधर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। आरोपी के पास से एक तमन्चा 315 बोर, एक खोखा कारतूस व जिन्दा कारतूस, कपड़ों का गट्ठर भी बरामद किया गया है।
ऐसे मौकों पर सभी लोगों को विशेषकर महिलाओं और बच्चियों को सतर्क रहना चाहिए। ऐसे किसी पहल को स्वीकार न करें जो उनके लिए खतरा बन सकता है। - प्रो. आरएन सिंह, मनोवैज्ञानिक
आरोपी के पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाया सवाल
पुलिस ने मंगलवार को दोपहर देवापुर गांव निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र रामदास को उसकी दुकान से पूछताछ के लिए उठाया। दरअसल जितेंद्र इस शादी में ड्रोन कैमरा चलाने गया था। पुलिस जितेंद्र को लोअर टीशर्ट में दुकान से यह कहकर उठाया की रिकार्डिंग दिखाओ हो सकता है मुजरिम के विषय में कुछ पता चले। जितेंद्र के पिता रामदास का आरोप है कि शाम को पुलिस घर आई थी। कहने लगी कि वो कपड़ा दीजिए जो पहनकर जितेंद्र रिकार्डिंग करने गया था। परिजनों ने पैंट शर्ट एक झोला में दिया। रात भर पुलिस उसे बैठाए रही। सुबह जब पिता रामदास अपने बेटे को नाश्ता देने थाना पहुंचे तो पता चला कि उसे मुठभेड़ में गोली लग गई है। पिता ने आरोप लगाया कि जो कपड़ा पुलिस घर से लाई थी वही कपड़ा दिखाकर कह रही है कि इसके साथ तमंचा भी था और आरोपी ने पुलिस के ऊपर फायर कर दिया यह गलत है।