फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कवि रूप नारायण त्रिपाठी की 31वीं पुण्य तिथि पर हुई काव्य गोष्ठी

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। कालजयी रचनाकर और कवि पं. रूप नारायण त्रिपाठी की 31 वीं पुण्यतिथि बुधवार को जगत नारायण इंटर कॉलेज जगतगंज परिसर में मनाई गई। इस मौके पर उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान एवं रूप सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कथावाचक प्रकाश चंद विद्यार्थी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्य अतिथि नेहरू भारतीय ग्रामोदय विश्वविद्यालय प्रयागराज के कुलपति प्रो. राम मोहन पाठक ने कहा कि स्व. त्रिपाठी जनपद की पहचान और साहित्य रत्न थे। रचनाकार होने के साथ-साथ वह कला साहित्य के मार्गदर्शक भी थे। उनकी रचनाएं सर्वकालिक रहेंगी।
विज्ञापन

कवियित्री प्रियंका शुक्ला ने अपनी रचना किसी बेबस को अपने घर में साया कौन देता है, दरख्तों को भला पतझर में छाया कौन देता है... सुनाई। वाहिद अली वाहिद ने पढ़ा-प्यार में फूल पांखुरी जिंदगी, नफरतों के शहर में छुरी जिंदगी। मधुप श्रीवास्तव ने नजरें मिलाने के लायक नहीं है, सर भी उठाने के लायक नहीं है, लगाया है जब से चेहरे पे मास्क, ये मुंह भी दिखाने के लायक नहीं है... पढ़कर व्यवस्था पर कटाक्ष किया।
कवि हरिराम द्विवेदी ने पढ़ा उदास होके पेड़ कह रहे हवाओं से, यही आवाज आ रही है दिशाओं से। रामबोध पाठक, डॉ. प्रेमचंद विश्वकर्मा, गिरीश श्रीवास्तव, जनार्दन अस्थाना, विजय कुमार दूबे, बेहोश जौनपुरी, फूलचंद भारती आदि ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
विज्ञापन

इसके पूर्व टीडी कॉलेज के प्रबंधक अशोक कुमार सिंह, पूर्व प्रमुख सुरेंद्र प्रताप सिंह, पत्रकार चंद्रेश मिश्र, प्रबंधक रामकृष्ण त्रिपाठी, पूविवि जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. गौरीशंकर त्रिपाठी, लोलारक दूबे, डॉ. पीपी दूबे, डॉ. मधुकर तिवारी, डॉ. रामेश्वर त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह एडवोकेट, रामदयाल द्विवेदी, कलेक्ट्रेट बार के महामंत्री आनंद मिश्र, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, अजय त्रिपाठी, राहुल त्रिपाठी, डॉ. गोपाल मिश्र, पूर्व प्रमुख सुधाकर उपाध्याय, डॉ. देवेश उपाध्याय, डॉ. पीसी विश्वकर्मा, सभाजीत द्विवेदी ’प्रखर’ ने उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। लोकेश त्रिपाठी एवं डॉ. मनोज मिश्र ने मुख्य अतिथि राम मोहन पाठक एवं कार्यक्रम अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। चित्रकार एवं कवि विजय कुमार दूबे की पुस्तक शब्द रंग का विमोचन किया गया। स्वागत रामकृष्ण त्रिपाठी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें