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Jaunpur News: बिछा दी पाइप लाइन, नहीं बना सके नलकूप और टंकी

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मछलीशहर। तहसील क्षेत्र 161 गांवों में पानी की टंकी बनाकर घर-घर जल आपूर्ति करने की योजना पर 2023 में कार्य आरंभ किया गया है। दो वर्ष का समय बीतने के बाद अभी भी काम आधा-अधूरा ही पड़ा है। कई स्थानों पर पाइप लाइन बिछा दी गई लेकिन नलकूप और पानी की टंकी बनी ही नहीं है।
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तहसील के 161 गावों में ओवरहेड टैंक बनाकर जलापूर्ति करने की योजना सरकार द्वारा बनाई गई है। मार्च 2023 से गावों में भूमि चिन्हित कर पानी का ओवर हेड टैंक बनाने, नलकूप स्थापित करने और जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया है। तहसील में तैनात कार्यदायी फर्म एफ्कांस कंपनी के एजीएम नागेंद्र सिंह ने बताया कि जनसंख्या और गांव के क्षेत्रफल के हिसाब से प्रोजेक्ट की लागत तय की गई है। कई ग्राम सभाओं को सम्मिलित कर करीब 64 लाख की लागत से एक ओवरहेड टैंक स्थापित कर जलापूर्ति करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा पाइप लाइन बिछाने व नलकूप स्थापित करने में आने वाले खर्च का बजट अलग है। छोटी ग्राम पंचायत में प्रोजेक्ट की लागत करीब ढाई करोड़ रुपये बनाई गई है। यह बजट आवश्यकतानुसार बढ़ता भी है। जलापूर्ति व्यवस्था दो साल में पूरी होनी थी मगर पानी की टंकी के लिए भूमि नहीं मिलने से समय लग रहा है। अधिकारी ने बताया कि जिन गावों में पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है, पानी की टंकी नहीं बनी है वहां सीधे नलकूप सेट से आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
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80 फीसदी गावों में अभी अधूरा है काम :-
मछलीशहर। समयावधि बीतने के बाद अभी 80 फीसदी गावों में जलापूर्ति नहीं शुरू हो सकी है। कुल 161 ग्राम पंचायतों में से 129 में अभी तक नलकूप व पानी की टंकी नहीं बन सकी है। गावों में पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा चुका है लेकिन नलकूप स्थापित करने व ओवरहेड टैंक बनाने का काम अभी शुरू किया गया है। जबकि 2024 तक योजना को पूरा कर शुद्ध पेयजल ग्रामीणों को देना था मगर अभी तक कार्य ही अधूरा पड़ा है।
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केस वन :- कोठारी गांव के संजय यादव ने बताया कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी स्थापित करने का काम पिछले डेढ़ साल से चल रहा है। गांव में पानी की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम हो चुका है, बाकी अन्य काम होना अभी बाकी है।
केस टू :- जमालपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान सूर्यभान यादव ने बताया कि एक वर्ष पहले ही भूमि चिह्नित कर जल जीवन मिशन के लोगों को सौप दी गई है। गांव में पाइप लाइन बिछाने का काम हुआ है मगर नलकूप स्थापना और पानी की टंकी का काम नहीं पूरा हो सका है। अभी टंकी को बनाने के लिए पिलर खड़ा हो रहा है।
केस थ्री :- ताजुद्दीनपुर के हरीलाल यादव ने बताया कि उनके ग्रामसभा के ताजुद्दीनपुर और महमूदपुर मजरे में पानी की टंकी बन रही है। ताजुद्दीनपुर में नलकूप से 25 फीसदी घरों में पानी दिया जा रहा है जबकि महमूदपुर में टंकी का खंभा बनाया जा रहा है। महमूदपुर से ही पुराफगुई गांव में जलापूर्ति की जायेगी। काम अधूरा ही है।
केस फोर :-निजामुद्दीनपुर निवासी जितेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि दो साल से अधिक का समय बीत गया किंतु पानी की टंकी का काम पूरा नहीं हुआ है। पाइप लाइन बिछाने के लिए पूरा रास्ता खोद दिया गया और तेजी से पाइप डाली गई। इसके बाद काम ठप हो गया। अब नलकूप स्थापित कर दिया गया है और पानी की टंकी बन रही है। शुद्ध पेयजल योजना का काम बहुत ही सुस्त रफ्तार से चल रहा है।

काम की प्रगति को लेकर संबंधित फर्म से पत्राचार किया जा रहा है। इसमें ज्यादा जोर है कि पेयजल की टंकी व नलकूप लगाकर आपूर्ति चालू कर दी जाए। करीब 50 फीसदी कार्य चालू कर दिया गया है।
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-महेंद्र राम, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण।-
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