जौनपुर। लॉक डाउन के दौरान फैक्ट्री बंद होने से उत्पादन भी ठप हो गया है। मजदूरों के पारिश्रमिक भुगतान में अड़चन आ रही है। जरुरी सेवाओं की आपूर्ति भी बाधित है। उद्यमियों को राहत देते हुए शासन ने कुछ शर्तों के साथ जरुरी सेवाओं से जुड़े उद्योगों को चालू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत जिले में 32 उद्योगों को चलाने की अनुमति दी गई है। करीब 25 आवेदन लंबित हैं, जिन पर 20 अप्रैल के बाद विचार किया जाएगा।
जिले में सतहरिया और सिधवन में औद्योगिक विकास क्षेत्र के अलावा जगदीशपुर, त्रिलोचन, सिद्दीकपुर नाऊपुर में कुल 214 उद्योग स्थापित हैं। इसमें कूकर, सीमेंट, शीतल पेय पदार्थ, फ्लोर मिल, वनस्पति घी, प्लाईवुड, सीमेंटेड चादर, सरिया सहित अन्य वस्तुएं तैयार होती हैं। लॉक डाउन के बाद से इन पर ताले लटक रहे हैं। सरकार ने इनमें कार्यरत श्रमिकों के भुगतान का भी निर्देश दिया है। ऐसे में उद्यमियों के सामने गंभीर संकट है। उद्योग बंद होने से उनकी इकाइयों में उत्पादन ठप है। कच्चा माल खराब हो रहा है। वहीं जरुरी सामानों की आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है। इसके मद्देेनजर शासन ने जरुरी सेवाओं से जुड़े उद्योगों को सोशल डिस्टेंसिंग, सुरक्षा आदि शर्तों के साथ संचालन की छूट दी है। जिले में ऐसे 32 औद्योगिक इकाइयों को अनुमति दी गई है। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के प्रभारी उपायुक्त साहब सरन रावत ने बताया कि इनमें ज्यादातर फ्लोर मिल, राइस मिल, दाल मिल जैसी खान-पान की वस्तुओं से जुड़ी इकाइयां है। 25 अन्य उद्यमियों ने भी संचालन की अनुमति चाही है, जिन पर 20 अप्रैल के बाद विचार किया जाएगा। सभी इकाइयों में मजदूरों को मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सावधानियों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।