फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिटिया सोनम की मदद को आगे आए लोग, ग्राम प्रधान ने उठाया देखभाल का जिम्मा...

विज्ञापन
विज्ञापन
गौराबादशाहपुर। पिलखिनी गांव की 21 वर्षीय सोनम का कोरोना ने अंतिम सहारा भी छीन लिया है। मां की मौत के बाद अब उसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और एकलौता भाई जेल में बंद है। घर की पूरी जिम्मेदारी अब सोनम के कंधों पर है। हालांकि उसकी मदद के लिए ग्राम प्रधान समेत कई सामाजिक संगठन आगे आए हैं। ग्राम प्रधान ने बेटी की पढ़ाई और शादी तक की पूरी जिम्मेदारी उठाने का भरोसा दिया है।
विज्ञापन

पिलखिनी निवासी कमला जायसवाल की शादी आजमगढ़ में हुई थी। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। पति की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी है। कमला अपनी बेटी और बेटों के साथ मायके में रहती थी। अपने बल पर ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनका भरण-पोषण किया। इस बीच कुछ वर्ष पहले बीमारी से बड़ी बेटी की मौत हो गई। पुत्र बेचन की पत्नी ने भी शादी के कुछ समय बाद दम तोड़ दिया। मायके वालों की शिकायत के बाद बेचन को भी दहेज हत्या के आरोप में जेल में डाल दिया गया। कमला अपनी छोटी बेटी सोनम के साथ घर पर रहती थीं। महामारी में पिछले दिनों वह संक्रमित हुईं तो बेटी उन्हें लेकर जिला अस्पताल गई। यहां प्रारंभिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख वाराणसी रेफर कर दिया गया। सोमवार को वाराणसी में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। दो रिश्तेदारों और सामाजिक संगठन के लोगों की मदद से किसी तरह मां के शव का अंतिम संस्कार कर घर लौटी सोनम बेसुध हैं। घर की पूरी जिम्मेदारी अब सोनम के कंधों पर है। सोनम की पीड़ा जानने के बाद तमाम लोग मदद को आगे आए हैं। ग्राम प्रधान मंजू सिंह ने सोनम की देखभाल का जिम्मा उठाया है। प्रधान प्रतिनिधि अरविंद सिंह ने बताया कि सोनम के साथ हुई घटना अत्यंत दुखद है। सोनम की अधूरी पड़ी शिक्षा को पूरा करवाने के साथ शादी तक की पूरी जिम्मेदारी होगी। इस अवसर पर शिक्षक नेता रमेश सिंह, राहुल सिंह, गुलाब कश्यप, हरिवंश सिंह, गोलू सिंह, मुन्ना सिंह, सूरज सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें