कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव की होर्डिंग पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कालिख पोतने के मामले को लेकर मंत्री और विधायक समर्थकों में जंग छिड़ गई है।
जहां विधायक समेत उनके नौ समर्थकों पर अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज कराए गए हैं वहीं विधायक समर्थकों ने भी उनका पुतला फूंकने वालों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
तहरीर में आरोप लगाया है कि कैबिनेट मंत्री के दबाव में उन पर केस दर्ज किया गया और नगर विधायक का पुतला पुलिस की मौजूदगी में फूंका गया।
पचहटिया में स्थित एक विवादित भूमि पर कब्जा करने की पंचायत के दौरान पीड़ित महिला ने कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव का स्टिंग किया था।
जिसमें कैबिनेट मंत्री को जमीन छोड़ने के एवज में महिला ऊषा मौर्या के बेटे को उद्यान निरीक्षक की नौकरी देने का लालच देते हुए दिखाया गया है। इसका खुलासा होने के बाद नगर विधायक नदीम जावेद के समर्थकों ने कैबिनेट मंत्री पारसनाथ
यादव के इस्तीफे की मांग करते हुए उनका पुतला फूंका था। यही नहीं विधायक समर्थकों ने दो दिन बाद मंत्री की होर्डिंग पर कालिख पोत कर विरोध जताया था। उधर, बुधवार को कैबिनेट मंत्री के समर्थकों ने कोतवाली गेट पर प्रदर्शन कर नगर
विधायक के खिलाफ नारे लगाए और पुतला जलाया। यही नहीं सपा के नगर अध्यक्ष डा. हसीन ने विधायक प्रतिनिधि खुर्शीद अनवर, बांकेलाल शुक्ला, कलंदर, सत्यवीर, सोनू के खिलाफ लोकसेवक के आदेशों की अवज्ञा करने और विधि विरुद्ध
जमावड़ा करने , मारपीट व धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कराया है। पूर्व विधायक अफजाल अहमद ने चेतावनी दी है कि सपा कार्यकर्ता नगर विधायक को शहर में घुसने नहीं देंगे। प्रदर्शन और पुतला जलाने के दौरान डा. शमीम, रुखशार
अहमद, अरशद कुरैशी, आरिफ हबीब, जकी हुसैन, रामधारी पाल, जावेद सिद्दीकी, रामयश यादव, नीरज पहलवान, हफीज शाह, अतुल सिंह, हिसामुद्दीन, शकील मंसूरी, साजिद अलीम, आलोक यादव, अशफाक मंसूरी, आफाक अहमद आदि मौजूद थे।