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बायो मेडिकल वेस्ट और सीवेज ट्रीटमेंट के चक्कर में फंसी ओपीड़ी

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बायो मेडिकल वेस्ट और एसटीपी नहीं होने से ओपीडी अधर में
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मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू करने के लिए कुछ मशीनें व दो करोड़ की है जरूरत
ओपीडी शुरू होने की वर्षों से क्षेत्रीय लोग कर रहे हैं इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
करंजाकला। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सिद्धीकपुर में बन रहे मेडिकल कॉलेज में अभी तक ओपीडी भी शुरू नहीं हो सकी है। बायो मेडिकल वेस्ट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगने के कारण ओपीडी चालू होने में दिक्कत आ रही है।
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राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने शुक्रवार को ओपीडी चालू करने की बात प्रधानाचार्य डा. शिवकुमार से कही थी। प्रधानाचार्य ने कहा कि 3 माह पहले ओपीडी चालू करने के लिए कुछ जरूरी मशीनों के लिए शासन से दो करोड़ मांगे गए थे। लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। जिसके कारण ओपीडी नहीं चालू हो सकी। बायो मेडिकल वेस्ट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी ओपीडी शुरू होने में बाधक बन रही है। सालों से इंतजार कर रहे लोगों की उम्मीद पर पानी फिरता नजर आ रहा है। बायो मेडिकल वेस्ट नहीं होने से ओपीडी चालू होने के बाद जो भी कचरा का निस्तारण किया जाना है वह नहीं हो पाएगा। जिससे प्रदूषण भी फैल सकता है। बायो मेडिकल वेस्ट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निर्माण मेडिकल कॉलेज में ही होना था। जिसकी लागत भी शासन की तरफ से मिल रही है। बायो मेडिकल वेस्ट यानी कूड़ा निस्तारण के लिए शासन की तरफ से एक करोड़ 23 लाख 25 हजार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए एक करोड़ 80 लाख स्वीकृत हुआ था। लेकिन उसका निर्माण इलेक्ट्रिकल इकाई निर्माण निगम वाराणसी के द्वारा नहीं किया जा सका। बायो मेडिकल वेस्ट की छमता 500 केएलडी है। ओपीडी चालू करने में अभी भी लगभग 2 से 3 महीने का समय लग सकता हैं। जिम्मेदार अधिकारी ने बताया की ओपीडी चालू करने की बिल्डिंग को पूरी तरीके से तैयार कर दिया गया है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए हर एक बिल्डिंग में सोक पिट बना दिया गया है। जिससे जो भी पानी निकलेगा शोकपिट में जा सकता है। कूड़ा निस्तारण के लिए जिला स्तर से बात हुई है। जब तक मेडिकल कॉलेज में बायो मेडिकल वेस्ट का निर्माण नहीं होता तब तक सभी मेडिकल कॉलेज से निकलने वाले कचरे को जनपद से अटैच करके कूड़ा का निस्तारण वहीं पर किया जाएगा।
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