बीआरपी इंटर कॉलेज के मैदान में समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीरामकथा का रविवार को शुभारंभ हुआ। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक प्रेमभूषण महाराज ने पहले दिन परमार्थ का मर्म समझाया।
दोपहर तीन बजे शुरू हुई कथा में प्रेम भूषण महाराज ने कहा कि जगत के हर जीव में भगवान का वास है, लेकिन मनुष्य शरीर अद्भुत है। इस शरीर के माध्यम से मनुष्य अपना लोक और परलोक दोनों सुधार सकता है। किसी अन्य जीव के लिए यह संभव नहीं है। बाकी 84 लाख योनियों को भोगी कहा गया है। इनके लिए अपने कर्म का कोई बंधन नहीं होता। उन्हाेंने वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रामकथा को जिस रूप में श्रवण करेंगे, उसी रूप में उसका फल मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर हमारे घर में माता-पिता हैं तो वहीं हमारे भगवान हैं। रामचरित मानस में यह बताया गया है कि माता-पिता, गुरु और अपने से बड़ों की आज्ञा मानने वाले सदा सुखी रहते हैं। इस मौके पर काशी प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश, विभाग प्रचारक जौनपुर अजीत, प्रांत प्रचारक प्रमुख रामचंद्र, सेवाभारती के अध्यक्ष डॉ. तेज सिंह, प्रांत शारीरिक प्रमुख संतोष, डॉ. वेदप्रकाश आदि मौजूद रहे।