पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शुक्रवार को महिला अध्ययन केंद्र की ओर से स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शिशु ही भविष्य में देश का सर्वश्रेष्ठ नगरिक बनेगा। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे अपने बच्चों का पोषण अच्छे ढंग से करें और स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार से निर्धारित टीकाकरण का पूर्ण रूप से पालन करें। महिला अध्ययन केंद्र सरकार की ओर से महिलाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के संचालन में सहयोग करेगा।
कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षण के साथ अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निर्वहन कर रहा है। प्रतियोगिता में उम्र के अनुरूप वजन, टीकाकरण की जांच, शारीरिक प्रतिक्रिया परीक्षण एवं मौखिक प्रतिक्रिया परीक्षण मानक बनाए गए थे। छह माह से एक वर्ष की प्रतियोगिता में कायरा श्रीवास्तव, एक से दो वर्ष में निहारिका, दो से तीन वर्ष में माहिका, तीन से पांच वर्ष में ओम सोनी विजेता घोषित किए गए। कुलपति ने विजेताओं को सम्मानित किया। शिशुओं को प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिया गया। प्रतियोगिता में 27 शिशुओं ने प्रतिभाग किया। संचालन प्रभारी महिला अध्ययन केंद्र डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, स्वागत एआर बबिता सिंह और पुरस्कार की घोषणा प्रो. देवराज सिंह ने की। आभार ज्ञापन डॉ. अन्नू त्यागी ने किया। इस मौके पर प्रो. अजय द्विवेदी, शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. राजकुमार सोनी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. शाइस्ता अंजुम, नीता सेठ, सीडीपीओ शांति देवी, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. पूजा सक्सेना, डॉ. प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।