पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बंटवारे के बाद से उत्पन्न आर्थिक संकट से निपटने के लिए शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने बृहस्पतिवार को सांसद श्याम सिंह को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया।
संगठन की तरफ से ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि स्थापना के बाद 13 जिलों तक विवि फैला था। बंटवारे के चलते अब महज तीन जिलों तक सिमट कर रह गया। कालेजों की संख्या घटने के बाद आय भी कम हो गई है। कर्मचारियों के पद सृजित किए गए थे, किंतु उनके वेतन और पेंशन पर आने वाले व्ययभार का वहन विश्वविद्यालय अपने स्रोतों से करता था। राज्य सरकार द्वारा इस विश्वविद्यालय को किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता नहीं दी जाती थी, जबकि कई अन्य विश्वविद्यालय ऐसे हैं जिन्हें राज्य सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करती है। संघ के अध्यक्ष रामजी सिंह, महामंत्री डा. स्वतंत्र कुमार ने कहा कि पूविवि से आजमगढ़ और मऊ जनपद के महाविद्यालय निकल जाने के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। जिससे कर्मियों को वेतन और पेंशन के लाले पड़ जाएंगे। इसलिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राज्य सरकार द्वारा सृजित कर्मियों के पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के वेतन पर आने वाले व्ययभार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाना चाहिए। ताकि आर्थिक संकट से उबारा जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कार्यरत 175 कर्मियों को आजमगढ़ विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाना चाहएि। ताकि उनको वेतन आदि के संकट का सामना न करना पड़े। इस मौके पर महामंत्री स्वतंत्र कुमार, अध्यक्ष रामजी सिंह, उपाध्यक्ष रामजस मिश्रा, कोषाध्यक्ष कपिल कुमार त्यागी आदि मौजूद रहे।