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Jaunpur News: अब तक केवल 337.1 मिमी वर्षा दर्ज, 5 साल में सबसे कम बारिश, तापमान 35 डिग्री के पार

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सिकरारा के शेरवा गांव में धान के खेत में जमीन के नजदीक लटकते हाई टेंशन के खुले तार को दिखाते कि
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प्रशांत महासागर में बनने वाली जलवायु घटना अल नीनो का असर जनपद में देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में केवल 337.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम है। कमजोर मानसून का असर अब खेतों में साफ दिखने लगा है।
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धान समेत खरीफ की फसलें सूखने लगी हैं और किसान मजबूरी में डीजल व बिजली से चलने वाले पंपों से सिंचाई कर रहे हैं। उधर, पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण अधिकतम तापमान फिर 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। तेज धूप और उमस ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है।
आपदा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून 2026 में केवल 14.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो पिछले छह वर्षों में जून महीने की सबसे कम वर्षा है। जुलाई में अब तक 322.3 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह वर्ष 2021 से अधिक जरूर है, लेकिन 2023, 2024 और 2025 के मुकाबले काफी कम है। वर्ष 2024 में जुलाई में 528.1 मिलीमीटर और 2025 में 524.82 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक 1954.82 मिलीमीटर बारिश वर्ष 2022 में दर्ज हुई थी।
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इसके बाद 2025 में 1813.52 मिमी, 2024 में 1718.3 मिमी, 2023 में 1421.61 मिमी और 2021 में 1159 मिमी वर्षा हुई थी। इसके मुकाबले 2026 में जुलाई के अंत तक केवल 337.1 मिमी वर्षा होना चिंताजनक माना जा रहा है। बारिश नहीं होने से खेतों में नमी तेजी से खत्म हो रही है। धान की फसल पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।
कई गांवों में किसान ट्यूबवेल और पंपसेट से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत भी बढ़ रही है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। मंगलवार को सुबह से आसमान साफ रहा और दिनभर तेज धूप निकली। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमस के कारण लोग बेहाल रहे। दोपहर में बाजारों में सन्नाटा रहा और सड़कों पर आवाजाही भी कम दिखी। सबसे अधिक परेशानी स्कूल से लौटने वाले बच्चों को हुई। वहीं रात में हल्की ठंडक से कुछ राहत मिली, लेकिन मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
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