गेहूं खरीद के लिए अब 30 जून यानी बृहस्पतिवार को आखिरी दिन है। वहीं, अब तक की खरीद को लेकर जारी किए गए विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार की खरीद महज 18.7 प्रतिशत ही रही लेकिन जनपद गेहूं खरीद के लक्ष्य को हासिल करने के मामले में प्रदेश में आठवें स्थान पर है।
जनपद में 136 केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद हो रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद जिले में गेहूं लक्ष्य से काफी दूर है। 15 जून तक महज 13,232 मीट्रिक टन (एमटी) ही खरीद हो पाई है। हालांकि प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने खरीद की तिथि 15 दिन बढ़ाकर 30 जून कर दिया। लेकिन कोई खास लाभ नहीं हुआ और 72 हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 13,474 एमटी गेहूं की खरीद हो पाई है। जनपद में खरीद की स्थिति पर नजर डालें तो गेहूं बेचने वाले किसानों की संख्या महज 4,235 ही है। जिनसे क्रय केंद्रों पर 27.15 करोड़ रुपये का गेहूं खरीदा गया लेकिन अभी तक 26.17 रुपये ही किसानों भुगतान हो पाया है। जबकि शेष धनराशि प्रक्रियाओं में उलझी हुई है। इसके बावजूद जनपद अपनी प्रगति के चलते प्रदेश में आठवें स्थान और वाराणसी मंडल में दूसरा जिला है, जहां सर्वाधिक गेहूं की खरीद हुई है।
ये हैं प्रदेश में सर्वाधिक गेहूं खरीद वाले टॉप 8 जनपद
जनपद- खरीद (प्रतिशत)
वाराणसी-32.54
मऊ-30.51
मिर्जापुर-29.90
सोनभद्र-24.80
आजमगढ़-19.59
कुशीनगर-19.38
भदोही-18.79
जौनपुर-18.57
गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 30 जून है, जो किसान किन्हीं कारणों से उत्पाद नहीं बेच पाए हैं वह बढ़े समर्थन मूल्य का लाभ पाने के लिए उत्पाद लेकर नजदीकी केंद्रों पर जाएं। जनपद गेहूं खरीद के मामले में प्रदेश में आठवें स्थान पर है, हम लक्ष्य के सापेक्ष 18.7 प्रतिशत गेहूं खरीद किए हैं। - एनके पाठक, उप संभागीय विपणन अधिकारी।