जौनपुर। भाजपा नेता ओमप्रकाश जायसवाल एक बार फिर चर्चाओं में आ गए हैं। मूल रूप से आजमगढ़ जनपद के अहरौला निवासी ओमप्रकाश 40 साल पूर्व शाहगंज आए और जेसीस चौराहे पर आशियाना बनाकर बस गए। शराब के कारोबार में ठेकेदारों के साथ किस्मत आजमाई। किस्मत ने साथ दिया और चंद वर्षों में कारोबार में एक अलग पहचान बना ली।
शोहरत और रुपये कमाने के बाद उन्होंने अपना रुख सियासत की ओर किया। साल 1988 में हुसेनगंज वार्ड से सभासद का चुनाव लड़े। लेकिन वह चुनाव हार गए। हालांकि राजनीति में अपनी सक्रियता को बढ़ाने में लगे रहे। इसी का परिणाम रहा कि साल 2005 में भाजपा के टिकट पर शाहगंज नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़े और जीत दर्ज कराई। दूसरी ओर शराब के ठेकों में भी इनका वर्चस्व बढ़ता चला गया। साल 2012 में शाहगंज विधान सभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें कामयाबी हाथ नहीं लगी। शाहगंज में भाजपा के बड़े नेताओं में गिने जाने वाले ओमप्रकाश जायसवाल इस बार हुए नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। लेकिन, महिला सीट होने के कारण उन्होंने अपनी भयोहू गीता पत्नी प्रदीप जायसवाल को चुनाव मैदान में उतार दिया था। वे जीतकर नगर पालिका की अध्यक्ष बनीं थी। इसके बाद साल 2021 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित होने पर भी चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए। इसके लिए उन्होंने अपनी पत्नी माधुरी जायसवाल को वार्ड नंबर 17 से जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में उतारा था। हालांकि वह चुनाव हार गई थी।